आरएस पुरा। अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगते ग्रामीणों ने लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह की ओर से आरक्षण का प्रस्ताव रखने का स्वागत किया। सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीण जोगिंद्र सिंह हीर का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीण बिना बंदूक के प्रहरी बनकर सीमा पर डटे रहते हैं और अर्द्धसैनिक बलों व सेना का सहयोग कर रहे हैं। लेकिन केंद्र की पूर्व सरकारों ने उनकी अनदेखी की है।
उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार द्वारा सीमावर्ती ग्रामीणों को आरक्षण देने के लिए विधेयक लोकसभा में रखे जाने पर सभी राजनीतिक पार्टियों को इसका समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय पार्टियों और कांग्रेस द्वारा सीमावर्ती ग्रामीणों की हमेशा अनदेखी की गई। अधिनियम 2004 में संशोधन करने पर राज्य में एलओसी, एलएसी की तरह अब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले लोगों को भी इससे लाभ मिलेगा।
सीमावर्ती गांव सई के पूर्व सरपंच चौ. बचन लाल ने कहा कि गोलाबारी यहां रहने वाले ग्रामीणों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक पिछड़ापन का मुख्य कारण रहा है। ग्रामीणों को शिविरों में कई बार रहना पड़ता है। स्कूल बंद होने पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। आरक्षण से उनके जीवन शैली में सुधार होगा।
पीपुल्स सेक्यूलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों को बहुत पहले आरक्षण मिलना चाहिए था, पर केंद्र व राज्य की किसी भी सरकार ने ऐसी पहल नहीं की। शहरों व कस्बों से दूर रहने वाले लोगों को हमेशा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। चाहे पाकिस्तान की ओर से अकारण गोलाबारी की बात हो या फिर सीमापर तस्करी का कारोबार। उन्होंने कहा कि सीमा के अंतिम छोर तक खेतीबाड़ी कर किसान अपने परिवार को चलाते हैं। उन्हें न तो पानी मिल पाता है और न ही सुचारु रूप से बिजली। लिहाजा सीमावर्ती गांव के लोग आरक्षण के हकदार हैं। केंद्र सरकार की पहल का स्वागत योग्य है।
सीमांत गांव रायपुर सजदा के प्रतीम सिंह चिब का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा गोलाबारी करने पर सीमावर्ती ग्रामीणों को कई बार जान भी गंवाना पड़ता है। इसके बाद भी राजनीतिक पार्टियों द्वारा प्रभावित परिवार को सरकारी नौकरी तक नहीं दी जाती रही। इसका कारण सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की दसवीं तक शिक्षा में उत्तीर्ण न होना रहा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले के चलते अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्र में रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी। भर्ती, पदोन्नति विभिन्न पेशेवर पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश में लाभ मिलेगा।