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परालकोट मंडी के मूक बधिरों से मिले राज्यपाल के सलाहकार

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पुंछ। रविवार को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के सलाहकार विजय कुमार ने पुंछ जिले के मंडी उपजिला अस्पताल का दौरा कर वहां भर्ती तहसील के परालकोट गांव के मूक-बधिरों से मुलाकात की। राज्यपाल की तरफ से भेजी गई चिकित्सकों की एक टीम ने मूक बधिरों के स्वास्थ्य की जांच कर बीमारी के पीछे के कारणों का पता लगाने का भी प्रयास किया।
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विजय कुमार ने बताया कि उन्हें कुछ समाचार पत्रों से परालकोट गांव में रहने वाले मूक बधिरों के बारे में पता चला था। इसके बाद वे स्वास्थ्य निदेशक की अगुवाई में चिकित्सकों के दल के साथ गांव के लोगों से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई है। ग्रामीणों की इस बीमारी का निदान करवाने का प्रयास किया जाएगा।
गौरतलब है कि जिले की मंडी तहसील के भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर बसे सावजियां क्षेत्र का दूरदराज गांव है परालकोट। यहां की आबादी 200 के करीब होगी। इसमें से करीब 40-45 लोग मूक बधिर हैं, जो न तो बोल सकते हैं न ही सुन सकते हैं। पिछले कई दशक से ये लोग इस अज्ञात बीमारी से ग्रस्त हैं, लेकिन किसी भी सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। राज्यपाल शासन में पहली बार उनकी इस बीमारी की जांच के लिए जम्मू से न सिर्फ चिकित्सकों का दल भेजा गया है, बल्कि राज्यपाल के सलाहकार ने भी उनके पास पहुंच कर उनसे मुलाकात की है। इस अवसर पर विजय कुमार के साथ जम्मू मेडिकल कालेज की प्रिंसिपल, राज्य के स्वास्थ्य निदेशक समीर मट्टू, पुंछ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी मुमताज बट्टी और जिला विकास आयुक्त पुंछ राहुल यादव भी मौजूद रहे।
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कई प्रतिनिधिमंडलों ने डॉक्टरों की कमी और खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा उठाया
पुंछ। राज्यपाल के सलाहकार विजय कुमार के मंडी तहसील के दौरे के दौरान उनसे तहसील के विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने मुलाकात कर उन्हें समस्याएं बताईं। ज्यादातर प्रतिनिधिमंडलों ने मंडी में पेश आए बस हादसे के दौरान मृतकों की संख्या अधिक होने के लिए क्षेत्र में चिकित्सकों की कमी व स्वास्थ्य सुविधाएं न होने की बात कही। इसके लिए खस्ताहाल सड़कों को भी जिम्मेदार बताया गया। उन्होंने मंडी उपजिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टरों को तैनात करने की मांग की। पीडीपी नेता एवं गांव जालियां के सरपंच शमीम गनेई ने सलाहकार से आग्रह किया कि वे टेलीफोन की ओएफसी डालने के नाम पर आए दिन सड़कों के किनारे की जाने वाली खुदाई की जांच करवाएं। खुदाई करने वाली कंपनियां तार डालने के बाद खुदाई वाली जगहों में केवल मिट्टी भर कर छोड़ देती हैं। गांव अढ़ाई निवासी मोहम्मद फरीद ने 2014 की बाढ़ में बह गई गांव की मुख्य सड़क की मरम्मत करवाने और मोहल्ला मलिकां गांव में सड़क बनाने और स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की मांग की। राज्यपाल के सलाहकार ने जिला विकास आयुक्त एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लोगों की समस्याओं का समाधान करवाने के निर्देश दिए। ब्यूरो
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