जम्मू-कश्मीर के पौनी में राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में दो लेक्चरर के स्कूल में आए बिना वेतन निकाले जाने का मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय लोगों ने इस संदर्भ में विभाग से उच्च स्तरीय पर जांच किए जाने की मांग की है। लोगों ने कहा कि आपसी मिलीभगत से वेतन निकाला गया है। स्कूल में लेक्चरर के नहीं आने के बाद विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। स्थानीय निवासी बलविंदर सिंह, मनोज शर्मा, जोगिंदर सिंह, पूर्व नायब सरपंच प्रकाश सिंह ने कहा कि दो दिन पहले स्कूल में विशेषज्ञ लेक्चरर नहीं होने के कारण कुछ विद्यार्थियों ने मामूली रूप से प्रदर्शन किया था।
शनिवार को विद्यार्थियों को स्कूल के अंदर नहीं आने का फरमान सुना दिया गया। बात करने पर पता चला कि कुल चार लेक्चरर स्कूल में नहीं हैं। उनमें दो लेक्चरर अंग्रेजी के जसविंदर कौर तथा बाटनी के लेक्चरर आरसी लल्ला पांच माह से स्कूल आए ही नहीं हैं। इसके बावजूद भी उनका वेतन हर माह स्कूल से जारी किया जा रहा है। दोनों लेक्चरर के नहीं होने का असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है, लेकिन स्कूल प्रशासन इस मामले पर चुप्पी साधे बैठा है। लोगों ने कहा कि बिना हाजिरी लगाए वेतन जारी किए जाने में घोटाला माना जाना चाहिए। इसके लिए विभाग एक उच्च स्तर की कमेटी बना कर जांच करे।
इस संदर्भ में सीईओ निर्मल चौधरी ने कहा कि सरप्लस के तहत वेतन जारी किया जा सकता है, लेकिन मौजूदा समय के दौरान वह बंद है। लेक्चरर को वेतन किस प्रकार से जारी किया गया, इसकी जांच की जाएगी। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर स्कूल में हुए इस घोटाले का पर्दाफाश नहीं किया गया तो वह सड़कों पर उतर आएंगे।