फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीमा क्षेत्र परगवाल में फायरिंग रुकने से जहां आम

विज्ञापन
विज्ञापन
परगवाल। सीमा क्षेत्र परगवाल में फायरिंग रुकने से लोगों ने राहत की सांस ली। दूसरी तरफ सोमवार और मंगलवार को विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने गोलाबारी प्रभावित लोगों का हाल-चाल जानने के साथ-साथ अपनी अपनी पार्टियों की उपलब्धियां गिनाते दिखे। इन्हीं राजनीतिक पार्टियों से जुड़े कुछ लोग गोलाबारी भूलकर तालियां बजाते नजर आए।
विज्ञापन

सरकारें आती हैं जाती हैं जो काम विधायक सरकार में रहते हुए कर सकता है आज वही विधायक चुनाव हारने के बाद दूसरी सरकार की नीतियों को गलत ठहराता नजर आ रहा था। जो सत्ता में थे वह पुरानी सरकारों को कोसते नजर आए। यह कोई नई बात नहीं है आम आदमी गोलाबारी के बीच किसी तरह अपनी जान बचाता है उसको सरकार से कुछ नहीं चाहिए वह अपनी जिंदगी से खुश है। वह सरहद पर शांति चाहता है ताकि वह खेती-बाड़ी करके अपनी जिंदगी किसी तरह गुजर बसर कर सके, लेकिन यही नेता लोगों को बड़े-बड़े सब्जबाग दिखाकर वाहवाही लूटते हैं।
यह बात मंगलवार को जनसभा से दूर बैठा एक आम आदमी कह रहा था और सोच रहा था कि क्या यही है मेरा सपनों का भारत है। जहां जब गरीब आदमी परेशान और हताश हो जाता है, और जब उसे सहारे के जरूरत होती है तो उसे सिर्फ चिकनी चुपड़ी बातों से दिलासा दिया जाता है। पाकिस्तानी गोलाबारी में किसी के मवेशी मर गए तो किसी घर क्षतिग्रस्त हो गया। परिवार की गुजर बसर का साधन खेती भी प्रभावित हो गई और उसे सिर्फ लुभावने आश्वासन दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें