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दन्ना जानू गांव से पालकी से मरीज को ले जाते हैं अस्पताल

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आशीष कपूर
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बसोहली।
सब डिवीजन बसोहली की दन्ना जानू गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। आलम यह है कि लगभग दस हजार आबादी वाले इस इलाके के लोगों को आज तक सड़क सुविधा नहीं मिल पाई है। यहां सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए भिन्न-भिन्न स्कीमें चलाई जा रही हैं, लेकिन बसोहली से 50 किलोमीटर दूर दन्ना जानू गांव आज तक सड़क से नहीं जुड़ पाया है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि शीतल नगर से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर बसा दन्ना जानू गांव आज तक सरकारी अनदेखी का शिकार है। किसी भी क्षेत्र का विकास सड़क पर निर्भर करता है। यह गांव सड़क से नहीं जुड़ा होने से विकास में भी पिछड़ गया है।
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गांव में यदि कोई बीमार हो जाता है तो उसे उपचार के लिए पालकी से शीतल नगर ले जाना पड़ता है। शीतल नगर पहुंचने तक लगभग 1 घंटे का समय लग जाता है। यदि रात में कोई बीमार हो जाए, तो चिकित्सालय तक पहुंचने के लिए उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस गांव को जाने वाले पैदल मार्ग के बीच कुछ नाले पड़ते हैं, जो कि बारिश के मौसम में उफान पर होते हैं। इससे स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए जान हथेली पर रखकर नालों को पार करना पड़ता है।
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प्राकृतिक सुंदरता है भरपूर है गांव
ग्रामीण रूप सिंह ने बताया कि जानू गांव प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इस गांव में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन सड़क से नहीं जुड़ा होने से पर्यटक इस गांव का रुख नहीं कर पाते। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि नागरिकों की परेशानियों को देखते हुए गांव जानू को सड़क मार्ग से जोड़ा जाए।
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