बाढ़ पीड़ितों का पुनर्वास सरकार की प्राथमिकता है। वर्ल्ड बैंक ने भी पीड़ितों की मदद के लिए पिछले दिनों सर्वे किया। इसके तहत जल्द ही 1500 करोड़ रुपये आने वाले हैं। इससे पुनर्वास को मदद मिलेगी। इसके लिए प्रोजेक्ट मानीटरिंग यूनिट का गठन भी किया गया है। जो बाढ़ रिकवरी प्लान को मानीटर करेगी।
सरकार न सिर्फ बाढ़ प्रभावितों का पुनर्वास करेगी, बल्कि प्रभावित ढांचे को भी कवर करेगी। रविवार को विधानसभा में संसदीय मामले विभाग और राहत एवं पुनर्वास विभाग में अनुदान मांग पर संसदीय, न्याय, कानून और राहत एवं पुनर्वास मंत्री सईद बशरत बुखारी ने इसकी जानकारी दी। जानकारी दी कि बाढ़ प्रभावितों के परिवारों को 118 .90 करोड़ रुपये आपदा प्रबंधन फंड से दिए जा चुके हैं।
16199 परिवारों को इसका लाभ मिला है। मौजूदा वार्षिक वित्तीय प्लान में एक हजार करोड़ रुपये स्पेशल प्लान के तहत रखे गए हैं। राज्य में भारी बर्फबारी, बारिश, बिजली गिरने, वन्यजीव के काटने से मौत, स्वाइन एवं बर्ड फ्लू से होने वाली मौतों को प्राकृतिक आपदा में शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, क्योंकि राज्य में इन घटनाओं की वजह से काफी लोगों की जान जा रही है।
जल्द बनेगा विधि आयोग
मंत्री ने सदन में यह भी जानकारी दी कि बहुत जल्द राज्य में विधि आयोग का गठन किया जाएगा। इस आयोग के तहत राज्य में मौजूदा कानूनों पर नजर रखी जाएगी। जिन कानूनों की आवश्यकता नहीं, उनको हटा दिया जाएगा। जिनमें संशोधन करने की आवश्यकता है, उनमें संशोधन किया जाएगा। यह भी जानकारी दी कि विभिन्न तरह के ज्यूडिशियरी कांप्लेक्स बनाने के लिए मौजूदा वित्तीय वर्ष में 32.57 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। कानून से जुड़े कई तरह के मुद्दों को सुलझाने के लिए ज्यूडिशियरी और एग्जीक्यूटिव के बीच तालमेल बढ़ाया जाएगा।
मानवाधिकार आयोग में संशोधन की तैयारी
रियासत सरकार राज्य मानवाधिकार आयोग और एहतियात आयोग में संशोधन करने की तैयारी में है। मानवाधिकार एक्ट 1997 और एहतियात आयोग 2002 में जल्द संशोधन होगा, ताकि इन आयोग से लोगों को लाभ मिल सके।
रिटेनरशिप में बढ़ोतरी
एडवोकेट जनरल, एडिशनल एडवोकेट जनरल, सरकारी वकीलों, पब्लिक प्रासिक्यूटरों और स्टैंडिंग काउंसिलों की रिटेनरशिप बढ़ाई जाएगी। इसके लिए सरकार ने दो करोड़ रुपये की स्पेशल ग्रांट भी रखी है। अगले बजट में इसका प्रस्ताव रखा गया है। सरकार को 14वें वित्तीय आयोग में हाईकोर्ट में तीन गेस्ट हाउस बनाने का प्रावधान रखा गया है। कानून विभाग के रिकार्ड को कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा।
माननीयों के हाथों में होगा लैपटाप
विधायकों की सुविधाएं बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। विधायकों का सीडी फंड बढ़ाने के लिए कमेटी बनाई जाएगी, जो विधायकों के वेतन बढ़ोतरी भी विचार करेगी। विधायकों को लैपटाप और आई पैड दिए जाएंगे। यह उन पर निर्भर करेगा कि वह क्या लेना चाहते हैं। वाहनों को बदलने के लिए भी बात हो रही है। कई अन्य तरह की सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। विधायकों को उनके विधानसभा क्षेत्र में कार्यालय बनाकर दिए जाने के लिए भी कमेटी का गठन किया गया है।