- नियमित नहीं कामचलाऊ व्यवस्था से लेक्चररों की कमी पूरा कर रहा स्कूल शिक्षा विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में रिक्त शिक्षकों के पदों को नियमित रूप से भरने के बजाय स्कूल शिक्षा विभाग कामचलाऊ व्यवस्था चला रहा है। प्रदेश की सरकारी हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी अब दूर करने के लिए विभाग इन स्कूलों में 1496 अस्थायी शिक्षकों (क्लस्टर समन्वयक) की भर्ती करने जा रहा है। इसमें जम्मू और कश्मीर संभाग में 748-748 पद भर जाएंगे। इससे शिक्षित बेरोजगारों युवाओं को कुछ हद तक राहत मिलेगी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने पिछले शैक्षणिक वर्ष से इस व्यवस्था को शुरू किया था, जिसे अब 2024-25 शैक्षणिक सत्र में जारी रखा जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लेक्चररों की कमी कुछ हद तक दूर होगी। स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से मास्टर की डीपीसी नहीं हुई है। इससे दोनों संभाग में करीब तीन हजार लेक्चररों के पद रिक्त पड़े हैं। इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। इसे देखते हुए विभाग ने इस शैक्षणिक सत्र के लिए अस्थायी शिक्षकों की भर्ती करने का फैसला लिया है। ये क्लस्टर रिसोर्स कोआर्डिनेशन फॉर टीचिंग सपोर्ट के रूप में काम करेंगे। यानी क्लस्टर के अंदर आने वाले हर स्कूल में इनकी सेवाएं ली जाएंगी। इसको लेकर जल्द आवेदन मांगे जाएंगे। लोकसभा चुनाव को लेकर लागू आचार संहिता के कारण इस प्रक्रिया में देरी हुई। अब स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू व कश्मीर इसको लेकर जल्द अधिसूचना जारी करेगा, जिसके बाद युवा आवेदन कर सकेंगे। समग्र शिक्षा परियोजना को इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग से मंजूरी मिली है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए 31 मार्च तक इन क्लस्टर समन्वयक की तैनाती रहेगी। इन्हें 25 हजार रुपये तक मासिक वेतन दिया जा सकता है।
इस संबंध में समग्र शिक्षा परियोजना के निदेशक राकेश मगोत्रा ने कहा कि सरकार से मंजूरी मिल गई है। जम्मू व कश्मीर संभाग के स्कूल शिक्षा निदेशक इस संबंध में अधिसूचना जारी करेंगे। जल्द से जल्द अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।