कठुआ। ईटीटी कालेजों के नाम पर धोखाधड़ी मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर सोमवार को प्रशासनिक टीम ने शहर और आसपास के विभिन्न इलेमेंट्री टीचर्स ट्रेनिंग (ईटीटी) कालेजों का दौरा किया। इस दौरान टीम ने कालेज प्रबंधकों को नोटिस भी दिए और उनके बयान भी दर्ज किए।
तहसीलदार कठुआ के नेतृत्व में मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा योजना अधिकारी, थाना प्रभारी के साथ मिलकर बनाई गई टीम ने सोमवार को शहर के साथ ही लखनपुर, बरनोटी, घटलौटी क्षेत्रों में विभिन्न ईटीटी कालेजों का दौरा किया। तहसीलदार कठुआ ने बताया कि उन्हें शहर और आसपास के करीब पचीस कालेजों की सूची मिली है, जिन्हें बंद करने का आदेश कोर्ट द्वारा मिला है। उससे पूर्व इन कालेजों की वर्तमान स्थिति की जांच के लिए ही टीम दौरे पर आई है।
उन्होंने बताया कि टीम ने सभी कालेजों का दौरा किया है और लगभग सारे कालेज बंद पाए गए हैं। कुछ कालेजों के वर्ष 2009 के सत्र में और कुछ 2013 के सत्र में बंद होने के बारे में बताया गया है। जिन भी कालेजों में टीम गई है, वहां के प्रबंधकों के इस संबंध में लिखित में बयान लिए गए हैं। इसके साथ ही उनके दस्तावेज भी टीम साथ ले आई है। कई कालेजों के प्रबंधकों से बात नहीं हो पाई है, उन्हें नोटिस जारी कर दिए गए हैं। आने वाले दिनों में उन्हें भी बयान दर्ज करने और दस्तावेज जमा करने के लिए कहा गया है। उधर, नाम न छापने की शर्त पर एक संस्थान के प्रबंधक ने बताया कि उन्होंने अपना संस्थान करीब चार साल पहले बंद कर दिया था। टीम ने उनके संस्थान का दौरा किया है और उस समय के सारे दस्तावेज साथ ले गई है। उन्होंने बताया कि कठुआ में सभी कालेजों का टीम ने दौरा किया है।
टीम के साथ मीडिया वालों को देख बौखलाए
ईटीटी कालेजों की वर्तमान स्थिति जांचने के लिए सोमवार को प्रशासनिक टीम विभिन्न कालेजों और संस्थानों में गई। बरनोटी में एक संस्थान में टीम के साथ मीडिया को देख प्रबंधक बौखला गए। इतना ही नहीं प्रबंधकों ने मीडिया के साथ अभद्र व्यवहार भी किया और उनके कैमरे तक भी बंद करने के लिए कहा। मीडिया द्वारा अपना काम करने पर प्रबंधकों ने टीम से मीडिया को अपने साथ लाने की वजह पूछी। टीम के सदस्यों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।