उधमपुर। घाटी में दोनों तरफ से संयम बरतने की जरूरत है। सेना जो कुछ कर रही है, वह देश के लिए कर रही है। उसके लिए राष्ट्र ऋणी है। सेना की बदौलत ही हम आज अपने घरों में सुरक्षित है। घाटी में सेना के काम में खलल नहीं पड़नी चाहिए।
दूसरी तरफ समाज के बड़ों और माता-पिता की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह बच्चों को अनुशासन में रहने की सीख दें। साथ ही जान जोखिम में डालने की परिस्थिति से खुद को बचा कर रखें। यह बातें पीएमओ में राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने शोपियां में फायरिंग में दो युवकों की मौत के बाद सेना पर एफआईआर दर्ज किए जाने संबंधी सवाल पर कहीं।
पैंथर्स पार्टी द्वारा भाजपा पर निशाना साधने के सवाल पर डा. सिंह ने कहा कि 130 करोड़ की जनता सब समझ रही है और चलते फिरते व्यक्ति के आरोप की कोई परवाह नहीं है। पत्थरबाजों पर अंकुश लगाने पर कहा कि सिविल सोसाइटी को जागरूक होना होगा।
सिविल सोसाइटी के बुजुर्गों को युवाओं को जागरूक करने की जरूरत है। माता-पिता को अपने बच्चों की काउंसिलिंग करानी चाहिए। उनको अच्छी शिक्षा देने की जरूरत है। उन्हें बताना होगा कि सुरक्षा बलों के काम में बाधा न डालें। समझाना होगा कि सुरक्षा बलों के काम में बाधा डालने पर कई बार अपनी जान भी जोखिम में पड़ सकती है।