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जब नौशेरा जिला नहीं बनता, जारी रहेगा संघर्ष

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नौशेरा। वीरवार को 43वें दिन भी नौशेरा बाजार बंद रहा। संघर्ष समिति नौशेरा के बैनर तले पटेल चौक पर लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। संघर्ष समिति के चेयरमैन सुभाष कपूर ने कहा कि जब तक नौशेरा को जिले का हक नहीं मिलता, हम पीछे नहीं हटेंगे।
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वीरवार को निकाली गई रोष रैली पटेल चौक, झांगड़ चौक, मुख्य बस अड्डे से होते हुए पटेल चौक पर पहुंची। यहां जनसभा को संबोधित करते हुए गगन गुप्ता ने कहा कि जनता को सरकार कमजोर न समझे। नौशेरा के लोग सरकार के किसी हथकंडे से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने नौशेरा के जिले के लिए चल रहे आंदोलन पर सियासत करने वाले नेताओं पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 24 मार्च का दिन नौशेरा में काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन शांतिपूर्ण आंदोलन पर पुलिस ने जिस तरह से बर्बरता दिखाई उससे हम डरने वाले नहीं हैं।
एडवोकेट हक नवाज चौधरी ने कहा कि नौशेरा के शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक ढंग से चल रहे आंदोलन को किसी भी कीमत पर नहीं दबाया जा सकता है। सरकार ने सोचा था कि वह दमन कर हमारी आवाज दबा देगी, लेकिन इसके बाद लोग और मजबूती से अपना हक मांग रहे हैं। भूपिदर सिंह टाइगर ने लोगों से कहा कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपने आंदोलन को चलाते रहें। जम्मू हाईकोर्ट के वकील अंकुर शर्मा जम्मू से जिला के आंदोलन को समर्थन देने के लिए नौशेरा पहुंचे। उन्होंने कहा कि नौशेरा को 1967-68 में जिला का दर्जा मिला था। इसके लिए आपकी जंग जायज है। जीत उनको मिलती है जो जंग लड़ते हैं। इसे जारी रखिए, सरकार आपके आगे झुकेगी। जब तक नौशेरा को जिला का हक नहीं मिलता, संघर्ष जारी रखिए। इस मौके पर बिंदू चौधरी, परमजीत सिंह, भारत भूषन गुप्ता, जगदीश साहनी, आरके गुप्ता, धीरज कपूर, विवेक आंनद, बबु गुमबल, संतोष आनंद आदि मौजूद रहे।
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दुकानदारों के लिए बच्चों की फीस जमा करना भी हो रहा मुश्किल
लगातार बाजार बंद रहने से जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से सभी बैंक बंद हैं, हालांकि सरकारी कार्यालय खुल रहे हैं। इससे जरूर लोगों को कुछ राहत मिली है। दुकानें बंद रहने से दुकानदारों के लिए बच्चों की फीस तक जुटा पानी मुश्किल हो रहा है, इसके बाद भी लोग जिला की जंग में डटे हुए हैं। दुकानदारों का हर रोज करोड़ों का नुकसान हो रहा है, लेकिन उनका हौसला कम नहीं हो रहा है।
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