जम्मू। पर्यटन विभाग की ओर से बैसाखी पर्व के उपलक्ष्य पर तीन दिवसीय बैसाखी फेस्टिवल ‘बसोअ’ का शुभारंभ हुआ। डुग्गर प्रदेश के ऐतिहासिक स्थल मुबारक मंडी से तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का पारंपरिक आगाज शुक्रवार को हुआ। कार्यक्रम में डुग्गर प्रदेश के लोक संस्कृति के विभिन्न रंग एक साथ देखने को मिले।
तीन दिवसीय कार्यक्रम में जम्मू संभाग के दूरदराज इलाकों के कलाकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम में कुल 13 टीमें भाग ले रही हैं। मुबारक मंडी में मुख्य कार्यक्रम से पहले रंगोली प्रतियोगिता हुई। इसमें जम्मू के विभिन्न पर्यटक स्थलों को दिखाया गया था। शहर के प्रसिद्ध मंदिर, एतिहासिक धरोहर का बयां किया था। सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज लोक संगीत से हुआ। इसमें कलाकारों ने महाराजा हरि सिंह के समय में मनाई जाने वाली बैसाखी को बयां किया। इस बीच रियासी से आए वरदान ग्रुप ने ‘परांदा लाल अड़ी ओ’ नृत्य ने सबका दिल जीत लिया। डुग्गर प्रदेश के पहनावे में नृत्य करने आई युवतियों ने खूब तालियां बटोरी। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन बाग-ए-बहु और तीसरे दिन यानी 14 अप्रैल को जीओ पोता अखनूर में होगा। कार्यक्रम में मुबारक मंडी हेरिटेज सोसायटी निदेशक दीपका शर्मा, नागेंद्र जमवाल, अनुसैया जमवाल डिप्टी निदेशक पर्यटन विभाग, उमेश शान और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हॉलैंड से आए विदेशी मेहमान
बैसाखी कार्यक्रम में हॉलैंड से आई पर्यटक मिस ली का पर्यटन विभाग ने विधिवत स्वागत किया। विभाग ने उनको डुग्गर प्रदेश की पारंपरिक पगड़ी पहना कर डुग्गर प्रदेश की संस्कृति का परिचय दिया। विदेशी मेहमान ने दीप प्रज्ज्वलन किया।
विभिन्न विभागों के लगे स्टाल
बैसाखी फेस्टिवल में विभिन्न विभाग के स्टाल लगे। इसमें पर्यटन विभाग ने डोगरी पकवान, हैंडलुम विभाग ने हस्त शिल्पकारी, कृषि संबंधित स्टाल लगाएंगे। मुबारक मंडी पहुंचे लोगों ने इन स्टालों से भी खरीदारी की।