जम्मू। आतंकियों का कश्मीर से सफाया करने के लिए चलाए गए आपरेशन आल आउट का जलवा 2018 में भी दिखा। सुरक्षाबलों ने इस साल आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए दस साल का रिकार्ड तोड़ दिया। एक दर्जन टाप कमांडरों सहित ढाई सौ से अधिक आतंकियों को ढेर कर दिया गया। आपरेशन आल आउट के तहत आतंकियों को ढेर करने की ऐसी रफ्तार अगले वर्ष भी जारी रही, तो कश्मीर आतंकवाद मुक्त हो जाएगा।
इस साल कश्मीर में सेना, सीआरपीएफ और पुलिस ने मिलकर 261 आतंकियों को ढेर कर दिया है। पिछले दस साल में ऐसा पहली बार हुआ है, जब इतनी बड़ी तादाद में आतंकी मारे गए हों। इन आतंकियों में हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैइबा, जैश-ए-मोहम्मद, गजवा-तुल-हिंद, अल बदर जैसे आतंकी संगठनों के एक दर्जन कमांडर भी ढेर किए गए हैं। 2018 का साल सेना के आपरेशन आल आउट के नाम रहा है।
2018 में ये टाप कमांडर मारे गए
नवीद जट्ट, सद्दाम पाडर, अल्ताफ काचरू, मेहराज बांगरू, समीर टाइगर, आजाद मलिक, जाहूर ठोकर, उस्मान हैदर, सौलिहा जैसे टाप कमांडर मारे गए हैं। जिन्होंने आतंकी संगठनों की कमर तोड़ दी है।
वर्ष आतंकी घटनाएं नागरिक सैनिक आतंकी
2014 222 28 47 110
2015 225 21 49 137
2016 319 15 82 150
2017 250 81 93 213
2018 300 94 81 261
2018 की हिट लिस्ट के यह तीन बच गए
2018 की हिट लिस्ट में शुमार चार बड़े आतंकियों में सिर्फ एक सद्दाम पाडर ही इस साल मारा गया। जाकिर मूसा, जीनत-उल-इस्लाम और रियाज नायकू अभी जिंदा हैं। दरअसल, आतंकी बुरहान वानी को 8 जुलाई 2016 को मारे जाने के बाद वर्ष 2017 में सुरक्षाबलों ने आपरेशन आल आउट शुरू किया था। इसका बड़े स्तर पर असर भी दिखा। 2017 मेें सुरक्षाबलों ने 213 आतंकी मार गिराए थे। इनमें करीब 20 कमांडर सब्जार अहमद भट्ट, जुनैद मट्टू, बशीर लश्करी, अबू लल्हारी, अबु दुजाना, अब्दुल क्यूम नाजर, उमर खालिद, अबु मुसैब, मुज्जफर अहमद नायकी, अजहर खान, सज्जाद लोन, शौकत लौहार, यासिन इट्टू, परवेज अहमद, मोहम्मद भाई, महमूद भाई, नूर तांत्रे और अबू जरगम शामिल थे।
2019 में ‘आल आउट’ संभव
कश्मीर में अब आतंक सिर्फ चार चेहरों पर टिका हुआ है। इनमें जाकिर मूसा, रियाज नायकू, जीनल उल इस्लाम और टाइगर लतीफ शामिल हैं। इन चारों को ढेर करने के लिए सुरक्षाबलों ने कमर कस ली है। 2019 में इनको मार गिराने के लिए सेना ने विशेष प्लान भी तैयार किया है।