श्रीनगर। पीडीपी प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि देशभर में विभाजनकारी तर्कों व संवादों ने प्रमुखता के साथ स्थान लिया है। यह घाटी के हालात पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विकास को छोड़कर अन्य बातों पर ध्यान केंद्रित है। हकीकत यह है कि कश्मीर के युवा इस प्रकार के तर्कों व संवादों से हतोत्साहित हो गए हैं। यह उनमें अलगाववाद की भावना को बढ़ाने तथा गुस्सा में सहायक बन रहा है।
दक्षिणी कश्मीर के बिजबिहाड़ा तथा जदिबल इलाके के पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व को चाहिए कि वह जम्मू कश्मीर के लोगों की भावनाओं को समझे। साथ ही उनके अलगाव की भावना को खत्म करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। यह समय की जरूरत भी है। केंद्र सरकार का यह कर्तव्य है कि वह खासकर युवाओं में अलगाव की भावना न पनपे, इसका निराकरण करे। यह राजनीतिक प्रक्रिया के अभाव में संभव नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना देर किए कश्मीर मुद्दे का हल बातचीत के जरिये किया जाना चाहिए। पार्टी लगातार भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत तथा सुलह की वकालत करती रही है। ताकि हिंसा के दुष्चक्र की समाप्ति हो सके और क्षेत्र में शांति स्थापित हो सके। इससे दशकों से हिंसा का दंश झेल रहे लोगों को राहत मिल सके।
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नेकां विधानसभा चुनाव लड़ेगी
श्रीनगर। नेकां के कश्मीर संभाग के प्रधान नसीर असलम वानी ने कहा है कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए पार्टी विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। पिछले दरवाजे से अपने प्राक्सी को राजनीति में लाने के भाजपा के प्रयासों को भी पार्टी रोकेगी।
उन्होंने कहा, पार्टी की वर्किंग कमेटी ने केवल निकाय तथा पंचायत चुनाव से दूर रहने का फैसला किया था। अनुच्छेद 35ए व 370 को बचाने तथा भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए पार्टी विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। केंद्रीय मंत्री डा. जितेंद्र सिंह के अनुच्छेद 35ए पर नेकां के यू टर्न लेने संबंधी प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि पार्टी विधानसभा चुनाव से दूर रहने का प्रयास भी करेगी तो जनता उन पर चुनाव लड़ने दबाव बनाएगी। उन्होंने डा. सिंह को इस प्रकार की बयानबाजी बंद करने की सलाह देते हुए कहा कि अगले चुनाव में लड़ाई होगी न कि वाकओवर मिलेगा। ब्यूरो