फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वोहरा दुखी..

विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीनगर। राज्यपाल एन एन वोहरा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर दुख जताया है। शव यात्रा में शामिल होने के लिए वे शुक्रवार को दिल्ली जाएंगे। शोक जताते हुए कहा कि उनके साथ कुछ समय के लिए कार्य करने का मौका मिला था। वे एक महान तथा दूरदर्शी नेता थे, जिनकी सोच मानवता की गहराई से प्रेरित थी। उन्होंने कश्मीर से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए किए गए प्रयासों को याद किया। विधानसभा अध्यक्ष डा. निर्मल सिंह वीरवार को दिल्ली पहुंचे। उन्होंने अटल जी को दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि वे सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास करते थे। उनके नेतृत्व में देश ने तरक्की की। जम्मू-कश्मीर की जनता को गोलाबारी से आए दिन हो रहे नुकसान से मुक्ति दिलाने के लिए भी उन्होंने काम किया।
विज्ञापन


पीडीपी के सभी विधायक दिल्ली जाएंगे
श्रीनगर। पीडीपी के सभी विधायक शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करने दिल्ली जाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हम सब चाहते हैं कि उन्हें जाकर श्रद्धांजलि दी जाए। कि पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने कश्मीरियों का दिल जीतने की कोशिश की। पहले शिमला तथा ताशकंद समझौते की बात होती थी, लेकिन पहली बार श्रीनगर से उन्होंने दोस्ती की बात की। बातचीत की पेशकश की। वाजपेयी जी कश्मीर के सेंटीमेंट को पहचाने चाहते थे। पाकिस्तान कश्मीर मसले का हल बार्डर तब्दील किए बिना किया जा सकता है, यह उन्होंने बताया। मुजफ्फराबाद और रावलाकोट खुला। वह जानते थे कि यहां के लोगों को सकून देना है तो पाकिस्तान से दोस्ती के बिना कोई चारा नहीं है। यह उनका माद्दा था कि वह जो कुछ भी कहते थे तो सामने वाला सोचने पर विवश हो जाता था। कहा कि यदि आज भी जम्मू कश्मीर के मसले का कोई हल है तो वह वाजपेयी का फार्मूला है। मुख्य प्रवक्ता रफी मीर ने कहा कि उनके निधन से न केवल राष्ट्र बल्कि जम्मू-कश्मीर को भी बहुत नुकसान हुआ है।

व्यक्तिगत नुकसान हुआ : उमर
श्रीनगर। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि वाजपेयी साहब अब नहीं रहे। मैं अपना व्यक्तिगत नुकसान महसूस कर रहा हूं। उन्होंने वाजपेयी जी के साथ बिताए हुए लम्हों के लिए उन्हें धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अटलजी से बहुत कुछ सीखने को मिला।
विज्ञापन


अलगाववादी भी दुखी
श्रीनगर। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से अलगाववादी भी दुखी हैं। हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि वह ऐसे नेता थे जो कश्मीर मसले का हल मानवता के दायरे में करना चाहते थे न कि संविधान के। उन्होंने हुर्रियत कांफ्रेंस के साथ बिना शर्त बातचीत शुरू की थी। वह पाकिस्तान के साथ सौहार्द्रपूर्ण तथा शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करने के पक्षधर थे। वह बातचीत के जरिये कश्मीर सहित सभी मसले का हल चाहते थे। हुर्रियत कांफ्रेंस के पूर्व चेयरमैन प्रो. अब्दुल गनी भट ने कहा कि वाजपेयी एक महान व्यक्ति थे। उन्होंने पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के कई प्रयास किए। उनके नेतृत्व को स्वीकार कर दक्षिण एशिया में शांति स्थापित की जा सकती है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें