जम्मू। पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल नसीर अहमद को बाहु प्लाजा स्थिति भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों और डीलर्स ने श्रद्धांजलि दी। साथ ही शहीद के परिवार को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। श्रद्धांजलि सभा के दौरान शहीद नसीर की पत्नी साजिया कौसर, बच्चे फलक, कासिफ और बड़े भाई सिराज व परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
इस दौरान भारत पेट्रोलियम के रिटेल टेरेटरी मैनेजर जम्मू राजेश शर्मा ने कहा कि हमें अपने वीर जवानों की शहादत हमेशा याद रहेगी। उन्होंने कहा कि हम समाज में संदेश देना चाहते हैं कि लोग अपने स्तर पर शहीद परिवारों की सहायता के लिए आगे आएं। वहीं 76वीं वाहिनी व शहीद नसीर के कमांडेंट नीरज गुप्ता ने कहा कि पहले नसीर सिर्फ हमारा जवान था, लेकिन अब वह पूरे देश के हो गए हैं। उन्होंने इच्छा जाहिर की कि शहीदों के परिवारों को सभी सरकारी व प्राइवेट स्तर पर राहत मिलनी चाहिए। ताकि उनके परिवार को शहीद नसीर की जितना हो सके कम कमी खले। परिवार ने सभी को मदद के लिए आभार प्रकट किया।
छलक पड़े आंसू, दर्द अभी नहीं हुआ कम
शहीद नसीर अहमद की पत्नी साजिया कौसर अब तक शौहर को खोने के सदमे से उभर नहीं पाई है। शुक्रवार को शौहर की तस्वीर पर पुष्पांजलि देते समय वह फूट-फूट कर रोने लगी। इसके बाद वह पूरे कार्यक्रम के दौरान गहरे सदमे में दिखीं। परिवार उन्हें संभालता रहा। दोनों मासूम फलक, कासिफ समझ नहीं पा रहे थे कि उन्हें क्या करना चाहिए।
शहीद नसीर के बड़े भाई सिराज ने बताया कि 1977 में पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने चार वर्ष की उम्र से उन्हें संभाला। उन्होंने बताया कि शहीद नसीर बचपन में ही तय कर चुके थे कि उन्हें बड़े होकर सेना में जाना है। उन्होंने बताया कि 1997 में नसीर ने उन्हें आंखों में भरे खुशी के आंसू के साथ बताया कि वह सीआरपीएफ में भर्ती हो गए हैं। इसके बाद वह जहां भी तैनात रहे, पूरी तरह अपने ड्यूटी के प्रति ईमानदार रहे। उन्होंने बताया कि नसीर के लिए हमेशा ड्यूटी सबसे पहले रही। जरूरत पड़ने पर वह 76वीं वाहिनी जम्मू में तैनात होने के बाद भी काफिले के साथ गार्ड कमांडर के रूप में गए थे।