फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आर्थिक मदद को तरस रहा बिजली विभाग का कर्मी

विज्ञापन
विज्ञापन
आर्थिक मदद को तरस रहा बिजली विभाग का कर्मी
विज्ञापन

साढ़े तीन महीने पहले करंट लगने से खंभे से गिरकर हुआ था घायल
अमर उजाला ब्यूरो
उधमपुर। काम के दौरान करंट लगने से बिजली के खंभे से गिर कर घायल हुआ बिजली विभाग का स्थायी कर्मचारी अशोक कुमार करीब साढ़े तीन महीने से बेड पर पड़ा है। उसकी रीढ़ की हड्डी टूट चुकी है और जानकारी के बावजूद विभाग की तरफ से उसकी मदद नहीं की जा रही है। मौजूदा समय में कर्मचारी उधार लेकर अपने इलाज करवाने के साथ परिवार की जरूरतों को पूरा कर रहा है।
विज्ञापन

अशोक कुमार ने बताया कि करीब साढ़े तीन महीने पहले बिजली लाइन की मरम्मत के लिए पोल पर पड़ा था। उसको विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि बिजली केे पीछे से बंद किया है और वह जाकर मरम्मत का काम करे। लेकिन जब काम करने के लिए बिजली की केबल को हाथ लगाया तो जोरदार करंट लगने से वह करीब 40 फीट नीचे जमीन पर नीचे गिर कर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार के सदस्य उसको उपचार के लिए जिला अस्पताल ले आए। जिला अस्पताल से जीएमसी और जीएमसी से अमृतसर रेफर कर दिया। अमृतसर में आपरेशन के बाद घर लाया गया है और तब से घर पर ही बेड पड़ा है। साढ़े तीन महीने में पीडीडी की तरफ से किसी तरह की मदद नहीं की गई है। जहां तक की कोई उसकी सुध लेने के लिए भी नहीं आया है। कुछ दिन पहले एईई उसके घर आए और सात हजार रुपये नकद देकर चले गए। उसने अपने उपचार के लिए लाखों रुपये खर्च कर दिए हैं और मौजूदा समय में वह उधार लेकर अपना उपचार करवा रहा है। स्थायी कर्मचारी होने के नाते विभाग की तरफ से उसकी मदद की जानी चाहिए थी, क्योंकि वह ड्यूटी पर काम करते हुए घायल हुआ था, लेकिन उसको किसी तरह की मदद नहीं की जा रही है। गलत रिपोर्ट बनाकर उसके उपचार के बिल रोक दिए गए हैं। वह पूरी तरह से असहाय हो चुका है और उसके बच्चे भी सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं। उसकी जिला प्रशासन व राज्यपाल से अपील है कि मदद के लिए कुछ प्रयास किए जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें