जम्मू। जम्मू संभाग में बिजली चोरी से हर साल लगभग 14 करोड़ रुपये का चूना लग रहा है। यानी 65 करोड़ रुपये की बिजली का उपभोग किया जा रहा है जबकि वसूली सिर्फ 55 से 56 करोड़ के आसपास हो रही है। इस घाटे को कम करने के लिए विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है, परंतु बिजली चोरी के कारण घाटा पूरा नहीं हो पा रहा है।
जिले में 1.35 करोड़ की चोरी
जम्मू जिले की बात करें तो यहां बिजली विभाग को बिजली चोरी से हर साल 1.35 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। इसका कारण दुकानों, घरों में अवैध रूप से बिजली कनेक्शन होना है। बिना बिल अदा किए ही बिजली का लोग उपयोग कर रहे हैं। जिला में एक साल में 6.50 करोड़ रुपये की बिजली की खप्त हो रही है जबकि विभाग को 5.15 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पाती है। विभाग के अनुसार, जम्मू के तीनों सर्किल में 9400 वाट के करीब बिजली की खपत एक साल में होती है। जिसे तकनीकी फाल्ट के खाते में डाल दिया गया है। हालांकि इस नुकसान की भरपाई के लिए विभाग ने चेकिंग अभियान चलाया है। अवैध कनेक्शनों को काटा जा रहा है। इसके बावजूद यह चोरी रुक नहीं रही है।
चोरी में विभागीय कर्मियों की मिलीभगत
शहर और ग्रामीण इलाकों में विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से बिजली चोरी हो रही है। हीटर, एससी चलाने के लिए 200 रुपये में कनेक्शन दिया जाता है। यह कनेक्शन सीधा हाई वोल्टेज तारों से होता है। बताया जाता है कि कुछ कर्मचारियों की मदद से इस बिजली की खपत की बिलिंग ही नहीं होती। कर्मचारियों की आवाभगत से ही मामला ‘सेट’ हो जाता है।
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कोट...
अवैध कनेक्शनों को काटने के लिए अभियान चलाया गया है। समय-समय पर अवैध कनेक्शन काटे जा रहे हैं। डेड मीटरों की जगह पर नए मीटर लगाए जा रहे हैं। सालाना राजस्व घाटा करोड़ों में हो रहा है।
- सुधीर गुप्ता, मुख्य अभियंता, पीडीडी।