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सरकार ने राष्ट्र विरोधी ताकतों को बढ़ावा दिया

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जम्मू। शहीद जवानों पर कोई प्रतिक्रिया न देने पर विपक्ष ने पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को आड़े हाथ लिया है। विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्य सरकार पर राष्ट्र विरोधी ताकतों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। कहा कि सरकार की नीतियों से जवानों का हौसला कमजोर करने की कोशिशें की जाती हैं।
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कांग्रेस के पूर्व मंत्री रमण भल्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में राज्य सरकार पत्थरबाजों और आतंकियों के पुनर्वास के लिए कई नीतियों पर काम कर रही है। लेकिन, शहीद जवानों के परिवार के पुनर्वास के लिए कोई उचित नीति नहीं बनाई गई है। देश विरोधी ताकतों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्र के खिलाफ आग उगलने वालों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कांग्रेस में इंदिरा गांधी, राजीव गांधी ने राष्ट्र के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। नेकां के प्रांतीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि नगरोटा विधानसभा क्षेत्र में हाल ही में तीन शहीदों के शव पैतृक गांव लाए गए, लेकिन सरकार की ओर से कोई मंत्री अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। सरकार जवानों को इज्जत नहीं दे रही है। यह सत्ता में बैठी भाजपा के लिए भी शर्मनाक है। भाजपा राष्ट्र के सम्मान का डंका बजाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात विपरीत हैं।

‘सीएम के पास शहीद जवानों के परिवार के लिए समय नहीं’
पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्षदेव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री घाटी में कोई मौत होने पर पत्थरबाजों के घर जाकर सांत्वना दे रही हैं, लेकिन शहीद जवानों के परिवार वालों के पास जाने के लिए उनके पास समय नहीं है। केंद्र में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शहीदों के परिवार वालों को एक करोड़ रुपये की राशि देने के दावे किए थे, लेकिन ऐसी कोई नीति नहीं बनाई गई। अलगाववादियों, पत्थरबाजों और आतंकियों के पुनर्वास के लिए ही नीतियां बनाई जा रही हैं।
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‘विपक्षी दल ऐसे मौकों को भुनाकर कर रहे राजनीति’
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा ने कहा कि आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ एनआईए की छापेमारी, आपरेशन आलआउट सहित अन्य ठोस गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। लेकिन, विपक्षी दल ऐसे मौकों को भुनाकर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। शहीदों की शहादत में ऐसे दल खुद ही गायब रहते हैं। सरकार शहीदों के सम्मान में सभी सुविधाएं देती है।
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