जम्मू। जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार के हस्तक्षेप से 10 अतिरिक्त ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाए जा रहे हैं। एलजी ने प्लांट लगाने के लिए सभी प्रकार के सिविल कार्य तत्काल प्रभाव से करने को कहा, ताकि प्लांट लगाने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।
केंद्र शासित प्रदेश के ज्यादातर सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट हैं। नए दस प्लांट से प्रदेश में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। एलजी मनोज सिन्हा ने कोविड टास्क फोर्स की बैठक में रविवार को जिलावार कोरोना परिदृश्य तथा प्रसार को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। तय किया गया कि जम्मू व कश्मीर में एक-एक और ट्राइएज सेंटर बनाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को टेस्टिंग की प्रक्रिया को और तेज करने की हिदायत दी। जनता से सहयोग की भी अपील की। उन्होंने दोनों संभाग के मंडलायुक्तों को घर-घर जांच प्रक्रिया शुरू करने को कहा। लोगों को चिकित्सा सुविधा के लिए टेली मेडिसिन का प्रभावी इस्तेमाल करने पर जोर दिया। एलजी ने डीआरडीओ की ओर से बनाए जा रहे अस्पतालों के निर्माण की गति भी जानी। बैठक में वित्त आयुक्त अरुण मेहता, स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त अटल डुल्लू, गृह विभाग के प्रधान सचिव शालीन काबरा, डीजीपी दिलबाग सिंह, मंडलायुक्त जम्मू, श्रीनगर के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रति लाख आबादी पर 3000 टेस्ट रोजाना
बैठक में अटल डुल्लू ने कोरोना की स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। बताया कि प्रदेश में 7604448 टेस्ट किए गए हैं। प्रति लाख 3000 टेस्ट रोजाना औसतन किए जा रहे हैं। ऑक्सीजन की सुविधा से युक्त बेडों की संख्या चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जा रही है।
कर्फ्यू से सामुदायिक संक्रमण में आई कमी
बैठक में कर्फ्यू के पहले तथा कर्फ्यू के बाद कोरोना के प्रसार की स्थिति की भी समीक्षा की गई। यह पाया गया कि कर्फ्यू के दौरान मरीजों की संख्या में थोड़ी कमी आई है। खासकर सामुदायिक संक्रमण में कमी आई है। पुलिस को कर्फ्यू के दौरान सख्ती के निर्देश दिए गए हैं।