जम्मू-कश्मीर में परिसीमन के बाद नए मतदाता बनने के लिए पूरे प्रदेश से लगभग 10 लाख लोगों ने आवेदन किया है। मतदाता पुनरीक्षण का काम 25 अक्तूबर को पूरा हो गया। सभी जिलों से 18 साल की आयु पूरी करने वालों ने मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म छह जमा करवाया है।
ज्ञात हो कि तीन साल बाद मतदाता सूची बनाने का काम प्रदेश में शुरू हुआ है। पहले 83 सीटें थीं जो परिसीमन के बाद 90 हो गई हैं। छह सीटें जम्मू व एक कश्मीर में बढ़ाई गईं। इनमें 47 कश्मीर व 43 जम्मू में सीटें हैं। पहली बार अनुसूचित जनजाति के लिए नौ सीटें आरक्षित की गई हैं।
चुनाव कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि लगभग एक महीने तक चले मतदाता पुनरीक्षण कार्य में 10 लाख लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म भरा है। इसके साथ ही लगभग साढ़े तीन लाख फॉर्म नाम कटवाने के लिए भरे गए गए हैं।
ये फॉर्म ऐसे हैं जो या तो जम्मू-कश्मीर से किसी दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं या फिर जो मर गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस आधार पर लगभग साढ़े छह लाख मतदाता पूरे प्रदेश में बढ़ सकते हैं। यानी प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 80 लाख के पार होगी।
जम्मू-कश्मीर में मतदाता सूची के मसौदे में 7583374 मतदाता रहे जिनमें 3945182 पुरुष व 368080 महिला मतदाता रहे। 112 किन्नर समुदाय से वोटर रहे। चुनाव कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अगले एक-दो दिनों में डाटा को कंपाइल करने का काम पूरा हो जाएगा तब जाकर पुरुष व महिला वोटर की तस्वीर साफ हो पाएगी।
25 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची होगी प्रकाशित
मतदाता सूची के संशोधन में अब अगले चरण में दस नवंबर तक दावों व आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा और 25 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होना है।