अमर महल म्यूजियम की ओर से अमर महल में करवाए गए लेक्चर में डा. कर्ण सिंह ने वेदांत पर प्रकाश डाला।
उन्होंने आध्यात्मिक के साथ योग का महत्व बताया। इस दौरान नए ब्रोशर को जारी किया गया। इसमें डोगरा शासकों के इतिहास के साथ डुग्गर धरोहरों का इतिहास दिया गया है।
डा. सिंह ने कहा कि ज्ञान योग मस्तिष्क से जुड़ा हुआ है। इसी तरह भक्ति योग का सीधा संपर्क हृदय से होता है। कर्ण योग गीता पर आधारित है।
जिस तरह उसे बताया गया कि कर्म से ही सब कुछ मिलता है। राज योग में प्राणायाम आदि का वर्णन किया गया। दुनिया को एक परिवार की तरह अपनाने की जरूरत है, न कि बाजार की तरह।
उन्होंने अपने लेक्चर में रियासत में बदलते मौसम का भी जिक्र किया। लेक्चर में वेदांता से जुड़े अन्य विषयों पर भी प्रकाश डाला गया।
इससे पूर्व डीपीएस के विद्यार्थियों ने प्रार्थना की। एएमएमएल की निदेशक डा. ज्योतसना सिंह ने संस्थान की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। इस दौरान सलाथिया ब्रदर्स ने अपनी आवाज का जादू भी बिखेरा।