कार्यकाल बढ़ाने की मांग के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे एक और शिक्षक की हालत रविवार को बिगड़ गई। बीमार शिक्षक को जीएमसी में भर्ती कराया गया।
इसके बावजूद अन्य शिक्षकों ने भूख हड़ताल जारी रखते हुए राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। शिक्षकों के समर्थन में कई यूनियन व फोरम भी सामने आए हैं।
अस्थायी शिक्षक शाम तक धरने पर बैठे रहे। बलविंद्र सिंह पवार, आशु देवी, सिमरन आदि ने कहा कि हड़ताल पर बैठे शिक्षक बीमार हो रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है।
विधानसभा चुनाव के दौरान बहुत ही उम्मीदों के साथ दोनों पार्टियों का समर्थन किया था, लेकिन अब सरकार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।