जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख टीचर्स फेडरेशन की वर्किंग कमेटी और स्टेट कमेटी की रविवार को अलग-अलग बैठक हुई। इसमें लंबित मांगों और शिक्षकों के अटैचमेंट रद्द किए जाने के निर्णय पर चर्चा की गई। बैठक में फैैसला लिया गया कि आदेश के विरोध में फेडरेशन 22 जनवरी को प्रेस क्लब के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगा।
स्टेट कमेटी की बैठक में बलवान सिंह जम्वाल ने कहा कि नियमों का उल्लंघन कर अटैचमेंट को रद्द किया गया है। उन्होंने राज्यपाल से अपील की कि इस आदेश को वापस कर राहत दी जाए। वर्किंग कमेटी की बैठक में मुकंद लाल ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री ने नियमों का उल्लंघन कर शिक्षकों का ट्रांसफर किया था, जिसका खामियाजा अभी तक शिक्षक भुगत रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर टीचर्स फोरम जम्मू ने वार्षिक परीक्षाओं के करीब स्कूली शिक्षा विभाग में सभी तरह की अटैचमेंट रद्द किए जाने पर सवाल उठाए हैं। रविवार को फोरम के महासचिव गणेश खजूरिया ने पत्रकार वार्ता में कहा कि शासन के इस कदम से शिक्षकों में नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि सरकार के इस आदेश से गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को खासी परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि एसएसए, रमसा, एनपीएस और जिला प्लान के अंतर्गत आने वाले शिक्षकों का वेतन समय पर जारी न होने की वजह से भी उन्हें आर्थिक संकटों से दो-चार होना पड़ रहा है और सरकार को इस संबंध में जल्द उचित कदम उठाने चाहिएं।
इस अवसर पर राजिंद्र गुप्ता, सतीश दत्ता, जमायत अली आगा, गोपाल सिंह, सूरत सिंह तूफानी, मीरा शर्मा, दर्शन शर्मा, रूप लाल, रविंद्र सिंह, ललिता शर्मा, कामिनी अरोड़ा, शशि बाला आदि भी मौजूद रहे।