बिना साक्षात्कार की प्रक्रिया के नियुक्त किए गए अस्थाई कर्मचारियों को निकालने के आदेश के बाद कर्मचारी संगठनों में खलबली मच गई है।
कर्मचारी संगठन नई राज्य सरकार से बहुत ज्यादा उम्मीदे लगाए बैठे थे, लेकिन राज्य सरकार ने नया आदेश जारी करके उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। जेएंडके नेशनल ट्रेड यूनियन ने इसके विरोध में आंदोलन छेड़ने का निर्णय कर लिया है। 13 अप्रैल से जिला स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे और 15 अप्रैल राज्य स्तर जम्मू चलो आंदोलन किया जाएगा। यह सारी जानकारी शुक्रवार को जेएंडके नेशनल ट्रेड यूनियन फ्रंट के राज्य प्रधान मोहम्मद गफूर डार ने दी।
डार ने बताया कि सरकार के इस आदेश के बाद पूरे राज्य में हजारों अस्थाई कर्मचारी बेरोजगार होने की कगार पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी विभाग में कैजुअल लेबर, नीड बेसड वर्कर बन कर कर्मचारी काम कर रहे हैं। सभी कम वेतन पर परेशानियों से जूझते हुए विभाग के लिए काम कर रहे हैं।
17 अप्रैल को सरकार ने आदेश जारी करने के बाद इन हजारों कर्मचारियों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। सभी स्थाई कर्मचारी बनाए जाने की उम्मीद लगाए थे, लेकिन सरकार ने उनको निकालने का काम शुरू कर दिया। इसका पूरी तरह से विरोध किया जाए।
इसके विरोध में 13 अप्रैल से जिला स्तर पर धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। अगर फिर भी सरकार ने आदेश वापिस नहीं लिया तो जम्मू चलो आंदोलन शुरू करके सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। इसलिए उनकी मांग है कि सरकार तुरंत सरकार अपना आदेश वापिस लेकर कर्मचारियों की परेशानी को दूर करे।