छंब विधान सभा क्षेत्र के सीमांत गांवों के किसानों ने बर्बाद गेहूं की फसलों का मुआवजा मांगा है। आल इंडिया मन्हास बिरादरी के प्रधान हरनाम सिंह ने सीमांत गांवों का दौरा कर बर्बाद गेहूं की फसलों का जायजा लिया और किसानों से बातचीत की।
इस संबंध में हरनाम सिंह ने सरकार से मांग की कि किसानों को 20 कनाल का नहीं बल्कि उनकी जितनी-जितनी जमीन है, उसका पूरा-पूरा मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि कई किसानों की सौ-सौ कनाल जमीन पर गेहूं की फसल लगी थी, वह सब बर्बाद हो गई। अरनिया में करीब 85 प्रतिशत गेहूं की फसल गंवा चुके क्षेत्र के किसान अब अपनी बची-खुची फसल को समेटने में लग गए हैं।
कोई कटाई करके 20-25 किलो गेहूं मिलने की आस लेकर तो कोई मात्र पशुओं के चारे के लिए भूसा निकालने के लिए पैसा खर्च कर रहा है।
गौरतलब है कि बेमौसम बारिश ने इस बार किसानों की करीब 85 प्रतिशत गेहूं की फसल को चौपट कर दिया है। क्षेत्र के किसान बाबू राम, जनक सिंह, त्रिलोक चंद आदि का कहना है कि खेतीबाड़ी के इतिहास में पहले भी कई दफा किसानों की फसलें दांव पर लगती आई हैं, लेकिन इस बार मौसम की बेरुखी ने तो हमारी कमर ही तोड़ दी है।