मांगों के समर्थन में वर्ष 1947 के पीओके रिफ्यूजियों ने सोमवार को अपनी प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्यपाल से अपील की है कि उनकी मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि अपने अधिकार के लिए निर्णायक संघर्ष करने वाले हैं। इसके लिए जल्द ही जिला स्तर पर एक रैली की जाएगी। इसके बाद राज्य स्तर पर फिर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।
कृष्णचंद्र पार्क में रिफ्यूजी एक्शन कमेटी के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में रिफ्यूजी शामिल हुए। पदाधिकारियों ने कहा कि 66 वर्षों से दबाए गए अधिकारों को वह लेकर रहेंगे। इसके लिए चाहे हमें बलिदान क्यों देना पडे़।
कमेटी के प्रधान चमन लाल शर्मा, कुलदीप राज सूदन, पिशोरी लाल शर्मा, बिहारी लाल शर्मा, नाहर सिंह ने अब तक की सभी केंद्र और राज्य सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि आज तक पीओके रिफ्यूजियों का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
हर पार्टी ने रिफ्यूजियों को केवल वोट के लिए इस्तेमाल किया है। इसके चलते पूरे अधिकार नहीं मिल पाए हैं। हमारी मांग है कि रिफ्यूजियों को विधानसभा में आरक्षण दिया जाए।
हम लोगों की जो चल-अचल संपत्ति पीओके में रह गई है, उसका एकमुश्त मुआवजा दिया जाए, जिन लोगों के पास मकान और जमीन नहीं है, उन्हें सहायता दी जाए, बच्चों को प्रोफेशनल कालेजों और सरकारी नौकारियों में आरक्षण दिया जाए।