लंबित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे आरईटी शिक्षकों के सब्र का बांध टूटने लगा है। एक वर्ष से वेतन न मिलने से परेशान रहबर-ए-तालीम शिक्षकों में आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
रविवार को शहीद भगत सिंह पार्क में शिक्षकों ने राज्य सरकार की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए भेदभाव का आरोप लगाया। आरईटी टीचर्स फोरम के बैनर तले बैठक में शिक्षकों ने कहा कि पिछले एक साल से बिना वेतन कैसे गुजारा कर रहे हैं, यह हम लोग ही जानते हैं। कई बार प्रदर्शन करने और अधिकारियों से लेकर नेताओं तक गुहार लगाने पर भी नतीजा कुछ नहीं निकला है।
फोरम के प्रांतीय अध्यक्ष अरविंद शर्मा ने कहा कि आरईटी शिक्षकों के लिए परिवार चलाना मुश्किल हो चला है। कई लोग तो ऐसे हैं, जिन्हें अठारह महीने से वेतन नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि हालत यह हो गई है कि दूसरों के बच्चों को शिक्षा देने वालों के अपने बच्चों की स्कूल फीस कैसे भरी जाए यह सोचने को मजबूर हो चुके हैं। जिन लोगों ने बैंक से कर्ज लिए हैं उनको बैंक परेशान करने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही सरकार ने उचित कदम नही उठाया तो आरईटी शिक्षक आत्मदाह को मजबूर हो जाएंगे। इस अवसर पर अनिल शर्मा, दीपक, मनी राज, जीत सिंह, ओमप्रकाश, केवल कृष्ण, राकेश सिंह आदि मौजूद रहे।