पेयजल संकट से जूझ रहे बीपीएल परिवारों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। छन्न अरोडि़यां पंचायत के बासियां गांव में हैंडपंप की सप्लाई पर निर्भर ग्रामीण पिछले नौ महीनों से परेशानियां झेल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि जल्द ही उचित व्यवस्था नहीं की गई तो उन्हें संघर्ष कड़ा करना पड़ सकता है।
छन्न अरोडि़यां के नायब सरपंच केआर रैणा ने प्रदर्शनकारियाें का नेतृत्व करते हुए विभाग की कार्यप्रणाली को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि नौ माह पूर्व हैंडपंप को साफ करने के लिए खोला गया था, लेकिन उसके बाद से न तो इसकी सफाई की गई है और न ही इसे चलने लायक ही बनाया है। ऐसे में बासियां गांव के गरीबी रेखा से निचली श्रेणी के तमाम परिवारों को टंडयाड़ी और धमाल गांवों में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल अशोक कुमार, रामपाल, पूरण चंद, कालीदास, मधु रानी, चंचला देवी, कौशल्या देवी और करनैल सिंह ने कहा कि गांव के सभी परिवार बूंद-बूंद के लिए तरस गए हैं। मजबूर में डेढ़ से दो किलोमीटर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। रोजाना लोगाें के लिए पेयजल जुटाना बड़ी चुनौती बन गया है। इन परिस्थितियों को देखते हुए विभाग को हैंडपंप ठीक कर फिर से स्थापित करना चाहिए।