करीब एक महीने के बाद फ्लाएं मंडाल इलाके में बिजली सप्लााई सुचारू हो गई।
छह सितंबर को तवी नदी में आई बाढ़ में 33 केवी बिजली का ढांचा, जो कि कनाल ग्रिड स्टेशन से करीब 45 गांवों को बिजली की सप्लाई बहाल करता था, उसके बह जाने के बाद से इलाके में बिजली नहीं थी।
फ्लाएं मंडाल क्षेत्र की सौहांजना पंचायत के सरपंच कुलभूषण खजूरिया का कहना है कि विजयदशमी पर ग्रामीणों ने जैसे ही नींद खोली, बिजली के बल्बों को जलते पाया। उनका कहना है कि छह सितंबर से गुल हुई बिजली तीन अक्तूबर को दशहरा पर्व पर बहाल होने से ग्रामीण काफी उत्साहित है और दोगुनी खुशी मना रहे हैं।
ग्रामीण प्रीत चौधरी का कहना है कि एक महीने के बाद बिजली के बल्बों को जलता देखकर मन को सुकून मिला है। बिना बिजली के लोगों का जीवन पटरी से उतर चुका था।
बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही था। बीमार लोगों के स्थानीय अस्पतालों में एक्स रे तक नहीं हो पा रहे थे। विजयदशमी पर्व पर बिजली बहाल होना सुखद संयोग है।
लोगों को बड़ी राहत मिली है।