मंदिरों के शहर में गंदगी का जमावड़ा बरकरार है। दीपावली के आगमन पर भी शहर में विशेष सफाई को लेकर कोई प्रबंध अभी फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। शहर की सफाई और सौंदर्र्य का जिम्मा उठाने वाले विभाग के पास गंदगी को डंप करने के लिए डंपिंग स्टेशन नहीं हैं। निगम सफाई के काम को लेकर अब टेंडर निकालने की तैयारी कर रहा है।
निगम के अधिकारी स्वयं इस बात को स्वीकार करते हैं कि शहर की सफाई एक बड़ी चुनौती है। इस मामले में पिछले दो महीनों में निगम द्वारा सेनिटरी विंग के कर्मचारियों को नौकरी के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित भी किया गया है। दो अक्तूबर को स्वच्छता अभियान के नारे को बुलंद कर सफाई व्यवस्था को सुचारु करने के निगम के वादे भी हवाई किले साबित हो रहे हैं।
गौरतलब है कि नगर निगम के अधीन कुल 71 वार्ड हैं। निगम के पास साढ़े अठारह सौ के करीब सफाई कर्मचारी हैं। इसके अतिरिक्त एनजीओ के सफाई कर्मियों की सेवाएं भी निगम द्वारा इस काम में ली जाती हैं। शहर में गंदगी को जमा करने के लिए निगम के पास कलेक्शन केंद्र भी नहीं है। शहर में अस्पतालों के बाहर भी निगम ने कलेक्शन प्वाइंट बना रखा है। जिनमें सरवाल का जिला अस्पताल प्रमुख रूप से शामिल है।
हालांकि निगम दावे करता है कि शहर की सफाई के लिए उसने नाइट स्टाफ लगा रखा है। यह नाइट स्टाफ अति विशिष्टि क्षेत्रों, न्यायालय परिसर, अस्पतालों आदि की सफाई का काम करने के लिये रखा गया है, लेकिन स्वयं निगम का सेनिटेशन विंग भी स्टाफ के काम से खुश नहीं है। यही कारण है कि निगम द्वारा अब नाइट सेनिटेशन के लिए जम्मू इन्वायरमेंट सोसाइटी नामक एनजीओ टेंडर देने की तैयारी की गई है।
जम्मू नगर निगम के सेनिटरी विंग के इंचार्ज डा सलीम मोहम्मद खान ने इस बात की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि दीवाली पर शहर को चकाचौंध किया जाएगा। इसके लिए अब जम्मू इन्वायरमेंट सोसाइटी को टेंडर दिया जा रहा है।