क्रिसमस के उपलक्ष्य में ईसाई बिरादरी के तत्वावधान में सोमवार को शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में बिरादरी सहित अन्य समुदायों के लोगों ने भी हिस्सा लिया। शोभायात्रा में कई तरह के दृश्य प्रस्तुत किए गए थे।
पूरे रास्ते में ढोल-नगाड़ों और पटाखों की आवाज सुनाई देती रही। शोभायात्रा में कई बच्चे सांता क्लाज और परियों की वेशभूषा में थे। इस दौरान प्रभु यीशु पर हुए अत्याचारों को भी प्रदर्शित किया गया।
यात्रा सैकेर्ड हर्ट चर्च से शुरू हुई। यहां से जराई मोड़ चौक से होते हुए मुखर्जी चौक पहुंची। इसके बाद कालेज मार्ग से होते हुए शहीदी चौक और अंबेडकर पुल से होते हुए बेरशेवा चर्च में पहुंची। शोभायात्रा यहीं पार समाप्त हुई। यहां लोगों ने होली बाइबल के ज्ञान से मानवता को बढ़ाने का संकल्प लिया।
यात्रा के दौरान सावन चीदा नेकहा कि हर वर्ष क्रिसमस पर शोभायात्रा निकाली जाती है। इसमें हर धर्म के लोग हिस्सा लेते हैं। इससे भाईचारे की भावना बढ़ती है। नरेश शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन जहां हर ज्ञान को बांटने का काम होता है। वहीं शांति औरआपसी भाईचारे को बढ़ाते हुए मानवता के आधार को भी पूरा करते हैं।
इस मौके पर लोगों ने एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाई भी दी। बेरशेवा चर्च में मिाठाई और फलों का वितरण किया गया। इस मौके पर बड़ी भीड़ उमड़ी, जिसमें महिलाएं भी शामिल रहीं।