अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मूर्तिकार रविंद्र जंवाल ने उभरते चित्रकारों एवं मूर्तिकारों को प्रोत्साहित करने एवं उन्हें कला की बारीकियां सिखाने के लिए बाड़ी ब्राह्मणा के वीरपुर गांव में एक शिविर लगाया।
वहीं पत्रकारों से बात करते हुए रविंद्र जंवाल ने बताया कि कलाकार को उपयुक्त वातावरण की जरूरत होती है जिससे वह कल्पना कर रचनात्मकता को तलाश सकता है।
डोगरा तरन सहित कई अवार्ड से सम्मनित रविंद्र ने कहा कि इस तरह के शिविरों के आयोजन से उभरते कलाकारों को आगे बढ़ने का मौका मिलता है।
एक से सात जनवरी तक चलने वाले इस पेंटर एंड स्कल्पचर कैंप में आठ युवा कलाकार भाग ले रहे हैं। इन कलाकारों में नरेश कुमार, आशिमा, दिव्य बंदराल, तजेरिंग गुरमेट, कनीष ये पांच मूर्तिकार है और रिगजिन पाल्जर, रचिता दत्ता, और मुकेश कुमार चित्रकार है।
कैंप के दौरान ये सभी कलाकार अपनी कला को कागज लकड़ी व धातु के टुकडे़ पर उकेर रहे थे। रविंद्र जंवाल का कहना था कि 7 जनवरी को इन कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
कला एवं कलाकारों के प्रति सरकार की उदासीनता से निराश जंवाल का कहना था कि सरकारी प्रोत्साहन के अभाव में इस प्रकार के शिविर ही युवा कलाकारों का एक मांत्र सहारा होता है।