खौड़ क्षेत्र में छह महीनों से लगातार नहरों में पानी बंद रहने से किसानों की फसलें, सब्जियां तथा मवेशियों के लिए बीजा गया चारा सूख गया।
किसानों ने बताया कि समय पर सिंचाई नहीं मिलने से पहले गेेहूं की आधी फसल तथा चारा सूख चुका है जो थोड़ी बहुत बची है, शीघ्र ही अगर उसे पानी नहीं मिला तो वह भी सूख जाएगी। इसके चलते क्षेत्र के किसानों को प्रशासन और सिंचाई विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।
किसान तरसेम लाल, घसीटा राम, रमेश सिंह, देवराज का कहना है कि इन दिनों गेहूं की फसल हो या पशुओं के लिए हरा चारा इसके अलावा सब्जियों को पानी की सख्त जरूरत है।
किसानों ने बताया कि बरसात के मौसम के बाद से नहरों में पानी आया ही नहीं हम लोग बारिश की आस में थे लेकिन बारिश भी नहीं हो रही है, कड़ाके की सर्दी और कोहरा पड़ने से गेहूं की फसल खराब हो रही है।
वहीं किसान सतपाल, रामलाल, जगतार सिंह आदि ने कहा कि सरकार की कृषि नीति पूरी तरह से किसान विरोधी है। किसान बिशन सिंह ने बताया कि वह सब्जी लगाता है उसने इस बार भी गोभी, आलू, टमाटर आदि लगाया जो कि सूख रहा है क्योंकि नहरों में पानी व बिजली का कोई समय नहीं बारिश हो नहीं रही है।
मेरी सब्जी सूख गई है। किसान राजकुमार आदि ने मुआवजा की मांग करते हुए कहा कि हमने इतने महंगे बीज लगा मेहनत कर सब्जी लगाई जो कि सूख रही है।
अब अगर सरकारी विभाग नहर में पानी उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है तो सरकार को सिंचाई न होने से खराब हो रही हमारी फसल के लिए मुआवजा देना चाहिए।