सीटू के बैनर तले सतवारी और गंग्याल की गन फैक्टरी के वर्करों की हड़ताल सोमवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गई।
प्रदर्शनकारियों को इस बात का बड़ा मलाल हो रहा है कि अभी तक न तो मालिकों ने उनकी कोई सुनी और लेबर कमिश्नर ने भी उनकी हड़ताल को अनदेखा कर दिया। प्रदर्शनकारी स्थायी वेतन की मांग कर रहे हैं। सीटू के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे मुलाजिमों में प्रेम कुमार और मनोज कुमार ने बताया कि उनकी मांग बिल्कुल जायज है, लेकिन उनकी मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उनके परिवार के लोगों को आठ से दस महीने बमुश्किल से गुजारा करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि उनकी मालिकों के साथ कोई निजी लड़ाई नहीं है, वे सिर्फ अपना एकमुश्त वेतन मांग रहे हैं। अब तक गन फैक्टरी के मालिकों की ओर से उनसे तब तक काम लिया जाता है, जब तक उन्हें काम होता है।
इस तरह से उन्हें खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। हड़ताल में सतवारी, गंग्याल और आसपास की गन फैक्टरी के 350 से ज्यादा मुलाजिम पहुंचे, जो कि अपने हक के लिए हड़ताल पर बैठे हैं। सोमवार को उनकी हड़ताल का पांचवां दिन हो गया। उन्होंने लेबर कमिश्नर पर भी रोष व्यक्त करते हुए बताया कि वे गन बनाने के कारीगर हैं, लेकिन अभी तक उन्हें यह नहीं बताया गया है कि वे किस कैटेगरी में आते हैं।