मांगों के लिए सरकारी मुलाजिम हल्ला बोलेंगे। मुलाजिमों की मांगें पिछले लंबें समय से लंबित हैं।
जम्मू कश्मीर ज्वाइंट कंसल्टेटिव कमेटी ने रियासती सरकार पर कर्मचारियों की जायजा मांगों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए 14 फरवरी को मंडलायुक्त कार्यालय, जवाहर नेहरू उद्योग भवन, जेडीए, आबकारी, बिजली विभाग सहित कई विभागों के कार्यालयों के बाहर धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
इस संबंध में जेसीसी सदस्य रवि सिंह भाऊ की अध्यक्षता में बैठक हुई जिसमें क्लर्कों की वेतन विसंगतियों को दूर करने में देरी, सभी पीएसयू को अतिरिक्त बजट समर्थन के प्रावधान, लंबित 17 फीसदी डीए जारी करने, सभी एडहाक, कांट्रैक्चुअल और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने, मेडिकल अलाउंस को 300 से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति माह करने, नान गजटेड स्टाफ को मेडिक्लेम पालिसी के दायरे में लाने के अलावा एलटीसी की बहाली सहित अन्य मांगों को दर्शाया गया।
भाऊ ने कहा कि मौजूदा सरकार कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के बजाये चुपी साधे बैठी है। ऐसे में कर्मचारियों के पास आंदोलन शुरू करने के अलावा अन्य विकल्प नहीं है। इस अवसर पर बलविंद्र सिंह, अमरीक सिंह, रवि सिंह भाऊ, धर्मेंदर सिंह, बाबू हुसेन मलिक, गणेश खजूरिया, नजीर अहमद भट्ट, सुखवीर सिंह सूदन, गोपाल सिंह आदि भी मौजूद रहे।