राज्य में बढ़ती बाल मजदूरी के संबंध में दायर जनहित याचिका में मंगलवार को हाईकोर्ट के खंडपीठ के मुख्य न्यायाधीश एन वसंथाकुमार और न्यायाधीश बंसी लाल भट्ट ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा।
एडवोकेट दीपिका सिंह रजावत की ओर दायर की गई जनहित याचिका के मुताबिक उत्तर प्रदेश के बहराइच के किशोर को जम्मू के व्यापारी कंवर छाबड़ा ने अपने घर में घरेलू नौकर के रूप में रखा था।
इस तरह से घर में घरेलू नौकर के रूप में रखकर व्यापारी ने चाइल्ड लेबर एक्ट 1986 का उल्लंघन तो किया ही साथ ही बच्चे को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट भी की।
रिपोर्ट के अनुसार बच्चे ने अपने घर जाने की बात कही थी तो उसके मालिक ने उसे बंधक बनाकर मारपीट की थी। इस मामले को पुलिस में दर्ज करवाने के लिए पीड़ित किशोर और पीड़ित के परिवार को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।
वहीं लेबर विभाग भी बच्चे को मालिक के घर से छुड़ाने में असहाय दिखा था। इस मामले में वकील की दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश वसंथाकुमार और न्यायाधीश बसी लाल भट्ट ने राज्य में लगातार बढ़ रहे बाल मजदूरी एक्ट के उल्लंघन के जनहित याचिका मामले के संबंध में सरकार से जवाब मांगा है।