पाक गोलाबारी को देखते हुए जम्मू, कठुआ और सांबा जिले में अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। जिला अस्पतालों के साथ शहरी अस्पतालों में इमरजेंसी को मजबूत बनाया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में स्टाफ की छुट्टियां रद्द की गई हैं। राउंड द क्लाक एंबुलेंस सेवा दी जा रही है।
विस्थापित शिविरों को मोबाइल चिकित्सा टीमें कवर कर रही हैं। स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह पठानिया के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में घायलों और अन्य लोगों को सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।
पाक गोलाबारी से कठुआ, सांबा और जम्मू के सीमावर्ती गांव ज्यादा प्रभावित हैं। पिछले कुछ समय से हजारों ग्रामीण विस्थापित हो चुके हैं, जिसमें कड़ाके की सर्दी में उनके सामने सेहत को दुरुस्त बनाए रखना बड़ी चुनौती है। कठुआ जिले में प्रभावित क्षेत्र हीरानगर, सांबा जिले में सांबा, ब्लाक नड, ब्लाक रामगढ़ और जिला जम्मू में बिश्नाह, आरएस पुरा पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
किसी भी आपात स्थिति में घायलों को तत्काल अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए राउंड द क्लॉक एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है। गोलाबारी की बड़ी घटना के दौरान घायलों को तुरंत चिकित्सा देने के लिए अतिरिक्त स्टाफ को भी तैयार रखा गया है। शहरी स्तर पर जीएमसी में विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां इमरजेंसी में अतिरिक्त स्टाफ के साथ अन्य जरूरी इंतजाम किए गए हैं। जीएमसी में जिला स्तर से कई घायल इलाज के लिए पहुंच चुके हैं।
अस्पताल के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार अस्पताल में आपात स्थिति के दौरान डिजास्टर प्लान के तहत काम किया जाएगा। अधिक घायलों के लिए इमरजेंसी के अलावा अन्य वार्डों को भी वैकल्पिक तौर पर तैयार रखा गया है। अस्पताल में पाक गोलाबारी के घायलों को सभी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।