जम्मू। शेर-ए-कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय जम्मू के कुलपति प्रो. पीके शर्मा ने विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों को उजागर किया। सोमवार को उन्होंने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय में शोध कार्यों के अलावा कृषि और इसकी तकनीकी विकास को लेकर कार्य हो रहे हैं। किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों से जागरूक भी किया जा रहा है। वहीं, इस कृषि विश्वविद्यालय में 36 एडहाक शोध प्रोजेक्ट हैं। इन सभी 36 शोध प्रोजेक्टों को लेकर आठ करोड़ की फंडिंग के आधार पर विभिन्न प्रकार के शोध करवाए जा रहे हैं। वहीं, 2.3 करोड़ फंडिंग की एआईसीआरपी (आल इंडिया कंस्ट्रक्शन रिसर्च प्रोजेक्ट) के तहत विभिन्न स्ट्रीमों में रिसर्च करवाए जा रहे हैं। करीब 14 सौ बच्चे अब तक यहां से पास हो गए हैं, जिसमें 800 कृषि स्नातक हैं, जबकि 500 कृषि स्नातकोत्तर हैं। वहीं सौ बच्चों ने कृषि के विभिन्न आयामों में शोध कार्य कर पीएचडी की उपाधि हासिल की है। गौरतलब है कि शेर-ए-कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना 1999 में हुई थी। पत्रकारों को संबोधित करते हुए कुलपति पीके शर्मा ने बताया कि रामबन, उधमपुर तथा सांबा में कृषि विज्ञान केंद्र बनाए जा रहे हैं, जिसको लेकर भूमि की तलाश कर ली गई है। उधमपुर के रामनगर में कृषि विज्ञान केंद्र खुलेगा, जबकि जम्मू संभाग में कृषि विज्ञान केंद्रों की संख्या छह कृषि विज्ञान केंद्र जम्मू, रियासी, राजोरी, पुंछ, डोडा और कठुआ में हैं। वहीं, किश्तवाड़ में इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चरल रिसर्च के माध्यम से संस्थान बनाने की योजना है।