जम्मू। जन वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण से जुड़े डीलरों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। उन्हें बेरोजगार होने का खतरा भी सताने लगा है। यह स्थिति बुधवार को रियासती कबीना की बैठक में राशन वितरण प्रणाली में डीलर सिस्टम के बजाय सरकारी नियंत्रण वाले 7697 राशन डिपो रियासत में खोलने और इनके संचालन के लिए 15394 कर्मियों को कैजुअल आधार पर लगाए जाने की मंजूरी के बाद पैदा हुई है। राशन डीलर्स के प्रधान प्रभु दयाल का कहना है कि सरकार ने करीब पांच दशकों से जन वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्ड धारकों को राशन मुहैया करवाने वाले डीलरों को विश्वास में लिए बिना ही ऐसा फैसला किया है। इससे भ्रम की स्थिति पैैदा हो गई है। सरकार को सरकारी नियंत्रण वाले राशन डिपो के संचालन को लेकर स्थिति को साफ करना चाहिए। अगर वहां पर राशन डीलरों के बजाय कैजुअल आधार पर कर्मी लगाए गए, तो इससे डीलर बेरोजगार हो जाएंगे। अगर कोई योग्यता रखी गई, तो भी कई राशन डीलरों के लिए दिक्कत हो जाएगी। एसोसिएशन जबरदस्ती को बर्दाश्त नहीं करेगी। जनरल बाडी मीटिंग बुलाकर रणनीति तय की जाएगी। वहीं उपभोक्ता और जन वितरण विभाग जम्मू के निदेशक जीएस चिब का कहना है कि कबीना की बैठक में नए राशन डिपो खोलने पर लिए गए फैसलों के बारे में अभी विभाग को दिशा निर्देश नहीं मिले है। इसलिए योजना के बारे में अभी उन्हें भी जानकारी नहीं है।