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जम्मू। भीषण गर्मी में बिजली, पानी की किल्लत पर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव को करीब पाकर सियासी पार्टियां इस मुद्दे को भुनाकर अपनी सियासी रोटियां सेंकने लगी हैं। भाजपा, नेकां में बिजली कटौती पर जुबानी जंग चल रही है तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से बिजली कटौैती पर मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। पीडीपी और बसपा भी इस मामले को लेकर सड़क पर उतर चुकी है।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है कि गर्मियों में जम्मू और सर्दियों में कश्मीर घाटी में बिजली का संकट होता है। सरकार समस्या को जानती है। बिजली उत्पादन को बढ़ाने के लिए विभिन्न पनबिजली परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसके अलावा आरएपीडीआरपी परियोजना के पूरा होने के बाद बिजली की आपूर्ति में सुधार आएगा। भाजपा के विधायक दल के नेता अशोक खजूरिया का कहना है कि जम्मू संभाग के साथ भेदभाव हो रहा है। बिजली और पानी की किल्लत का सामना करने के लिए लोगों को मजबूर किया जा रहा है। इस मामले को सरकार के समक्ष उठाने पर लोकसभा चुनाव में हार से बौखलाए मुख्यमंत्री बेतुके आरोप लगाते हैं। विधानसभा चुनाव में इसके नतीजे सत्ताधारी गठबंधन को भुगतने पड़ेंगे।
प्रदेश कांग्रेस के उपप्रधान ठाकुर हरि सिंह की ओर से मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंप बिजली की भारी कटौती को बंद कर लोगों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री तक समस्या को पहुंचाने की अपील की जा चुकी है। पीडीपी की ओर से भी बिजली, पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन किए जा चुके हैं।
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