फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलग प्रशासनिक डिवीजन के दर्जे का प्रस्ताव मंजूर

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। विधान परिषद में कांग्रेस के सदस्य नोरबू गियालचन ने सोमवार को लद्दाख को अलग प्रशासनिक डिवीजन का दर्जा दिए के लिए निजी सदस्य प्रस्ताव पेश किया। सरकार की तरफ से योजना और विकास मंत्री अजय कुमार सडोत्रा ने प्रस्ताव का विरोध किया और लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद का हवाला दिया। मंत्री के जवाब के बावजूद कांग्रेस सदस्य ने वोटिंग करवाने पर जोर दिया। वोटिंग में छह सदस्यों ने प्रस्ताव के समर्थन में चार ने विरोध में हाथ उठाए और प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया। अपने प्रस्ताव पर कांग्रेस सदस्य नोरबू गियालचन ने कहा कि कहने को जम्मू-कश्मीर रियासत में तीन संभाग हैं जम्मू, कश्मीर और लद्दाख। लेकिन प्रशासनिक नियंत्रण या तो जम्मू में है या कश्मीर संभाग में। इस वजह से लद्दाख के लोगों को अपने प्रशासनिक कार्यों केे लिए या तो कश्मीर में जाना पड़ता है या फिर जम्मू में। उन्होंने कहा कि लद्दाख को अलग प्रशासनिक डिवीजन का दर्जा दिया जाना चाहिए। इस पर मंत्री सडोत्रा ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि यह सच है कि रियासत में प्रशासनिक डिवीजन दो ही हैं एक जम्मू और दूसरा कश्मीर। उन्होंने कहा कि लद्दाख के दो जिलों लेह और कारगिल के लिए पहाड़ी विकास परिषद है। परिषद को डायरेक्ट फंड मिलते हैं। निर्वाचित परिषद बेहतर तरीके से काम कर रही है।
विज्ञापन

बहरहाल, मंत्री के जवाब के बावजूद कांग्रेस सदस्य ने अपना निजी सदस्य प्रस्ताव वापस नहीं लिया। इस वजह से वाइस चेयरमैन अजातशत्रु सिंह ने वोटिंग करवाई। सदन में कम सदस्यों की मौजूदगी के चलते वोटिंग में सदस्यों को हाथ उठाकर अपना मत देने को कहा गया। इसमें छह सदस्यों नेकां के आगा सईद रिजवी, कांग्रेस के नोरबू गियालचन, शाम लाल भगत और रानी गार्गी बिलोरिया और रविंद्र शर्मा के अलावा नेकां के मास्टर नूर हुसैन ने भी प्रस्ताव के समर्थन में हाथ खड़े किए। विपक्ष में चार सदस्यों ने कांग्रेस के बीए माग्रे, डाक्टर बशीर अहमद वीरी, विजय बकाया और मंत्री एवं सदन के सदस्य अजय सडोत्रा ने हाथ खड़े किए। वोटिंग में प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें