जम्मू। शहर में आतंकियों की मौजूदगी और उनके द्वारा किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की चर्चा एक बार फिर जोरों पर है। सेना और पुलिस अधिकारी भी शहरी क्षेत्रों में आतंकियों के होने का दावा करते हैं। कुछ दिनों में आम चुनावों की घोषणा कर दी जाएगी, ऐसे में आतंकी हमलों की आशंका भी बढ़ रही है।
आतंकी गतिविधियोें की इन तमाम आशंकाओं के बीच पुलिस ने भी कमर कसनी शुरू कर दी है। चुनावी रैलियाें और मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर सुरक्षा प्रदान करने की समीक्षा की जाने लगी है।पुलिस के अनुसार हीरानगर और सांबा में हुए हमले के बाद से संदिग्ध देखे जाने की खबरें लगातार आ रही हैं। जम्मू में तवी नदी में संदिग्ध देखे जाने के बाद पुलिस का तलाशी अभियान सोमवार को भी जारी रहा। पुलिस ने बजालता, बाग ए बाहु क्षेत्र के पहाड़ी क्षेत्रों में खोजबीन की। सूत्रों के अनुसार चुनावों से पहले आतंकियों के लिए बड़ी मात्रा में नकली नोट और हवाला राशि भेजी जा रही है। शहर के अंदर आतंकी वारदात करने की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं। पुलिस महानिदेशक अशोक प्रसाद सहित सेना के अधिकारियों का दावा है कि आतंकी सरगनाओं को मार गिराया है। वर्तमान में आतंकी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उनके शहरी क्षेत्र में मौजूद रहने की भी रिपोर्ट है।
स्लीपर सेल और ओवरग्राउंड वर्कर भी कम साथ दे रहे हैं। वह किसी तरह से शहर में छिपकर अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए प्रयासरत हैं। सेना, पुलिस, खुफिया तंत्र ने मिलकर एक विशेष टीम का गठन किया है। इस टीम को आपस में सहयोग करकेे आतंकी गतिविधियोें पर नजर रखने और उन्हें विफल करने का जिम्मा सौंपा गया है।