जम्मू। जम्मू और श्रीनगर शहर में मेट्रो ट्रेन चलाने की मौजूदा सरकार की घोषणा धरी की धरी रह गई। इस मामले में सरकार का कोई प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया। हालांकि राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत मेट्रो ट्रेन शुरू करने पर विचार किए जाने के बयान भी दिए गए। केंद्रीय रेल मंत्रालय से भी प्रोजेक्ट में भागीदारी करने की बात करने का दावा किया गया। सभी दावे हवा-हवाई हो गए। डीआरएम फिरोजपुर एनसी गोयल ने भी जम्मू या श्रीनगर में मेट्रो ट्रेन शुरू करने के किसी भी प्र्रस्ताव की जानकारी से इंकार किया। जम्मू और श्रीनगर शहर की आबादी मेट्रो ट्रेन शुरू करने के मापदंडों को पूरा करती है। राज्य में जम्मू और श्रीनगर ही ऐसे दो शहर हैं, जिनकी आबादी 15 लाख से ज्यादा है और दोनों शहरों में मेट्रो शुरू करने पर विचार किए जाने की घोषणा मौजूदा सरकार ने भी की थी। मेट्रो के लिए कोई सर्वे तक नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार करोड़ों रुपये के इस प्रोजेक्ट को राज्य सरकार अकेले नहीं शुरू कर सकती है, जिसके कारण इस प्रस्ताव को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। यह भी उम्मीद की जा रही थी कि पुंछ तक रेलवे लाइन बिछाने का काम जल्द शुरू होगा। अखनूर तक लाइन जल्द बिछ जाएगी और जम्मू-अखनूर-बाड़ी ब्राह्मणा और बजालता तक सफर को आपस में रेल सेवा से जोड़ा जाएगा। पुंछ रेल परियोजना को भी केंद्र सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया और यह उम्मीद भी धरी की धरी रह गई। डीआरएम एनसी गोयल के अनुसार 15 लाख से अधिक आबादी वाले शहर में मेट्रो ट्रेन शुरू हो सकती है। फिलहाल जम्मू और श्रीनगर से मेट्रो का प्रस्ताव नहीं है। इसे केंद्रीय स्तर पर शुरू किया जा सकता है।