जम्मू। अहमदिया मुसलिम यूथ एसोसिएशन जम्मू की ओर से रविवार को करवाई गई सर्व धर्म शांति कांफ्रेंस में शांति के साथ महिलाओं पर हो रहे अत्याचार, ग्लोबल वार्मिंग, शर्मसार हो रही विधानसभाएं और संसद और पड़ोसी मुल्क पाक पर भी कटाक्ष किए गए। शैक्षणिक व्यवस्था में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कांफ्रेंस में विभिन्न धर्मों से जुड़े वक्ताओं ने प्रभावशाली विचार रखकर अमन का पैगाम दिया।
प्रो. विश्व मूर्ति शास्त्री ने कहा कि सभी धर्मों में चरित्र सबसे बड़ा है और इसके संरक्षण पर मजबूती से काम किया जाना चाहिए। हर धर्म में आदर्शों की रक्षा की जाए। कोई भी स्त्री के अधिकारों का हनन, सम्मान का अनादर करने की इजाजत नहीं देता है। ग्लोबल वार्मिंग से पूरे विश्व में कई गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं। अशांति फैल रही है। पारिवारिक कलह बढ़ी है। इसका मुख्य कारण आदर्श, व्यवहार, अनुशासन और नैतिकता को बढ़ावा नहीं दिया जा रहा है। पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा को शामिल किया जाना जरूरी है। वक्ता मोहम्मद हमीद कौसर ने कहा कि इंसान का काम मोहब्बत करना है, वरना वह हैवान है। आज पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अपनी करनी का फल भोग रहा है। इस मौके पर मौलाना रफीक अहमद बेग, डा. निर्मल सिंह, शेराज अहमद, अतुल मुजीब लोन, ज्ञानी पाल अजीत, सुरेश कुमार, एसके जैन, फादर कुरियाकोसे टीके ने भी विचार रखे। इस्लाम में औरत को इबादत में शामिल किया गया है। इस्लाम किसी को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं देता है। समाज में बलात्कार, रिश्वत आदि बुरी कुसंगतियों पर तब तक अंकुश नहीं लग सकता, जब तह गुनाह के बारे में जानकारी नहीं होगी। दिलों में गुनाह के प्रति खौफ होना जरूरी है। सभी मुल्कों को दूसरे के दिलों और हितों को ध्यान में रखकर कोई काम करना चाहिए। कान्फ्रेंस में गौ हत्या का भी मुद्दा उठा। इसमें सभी धर्मों को एक-दूसरे की कदर पर जोर दिया गया। इस मौके पर मौलाना रफीक अहमद बेग, डा. निर्मल सिंह, शेराज अहमद, अतुल मुजीब लोन, ज्ञानी पाल अजीत, सुरेश कुमार, एसके जैन, फादर कुरियाकोसे टीके ने भी विचार रखे।