जम्मू। होमगार्ड, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ का शुक्रवार को गांधीनगर स्थित एसडीआरएफ सेकेंड बटालियन के हेडक्वार्टर में 51वां रेजिंग डे मनाया गया। इसमें वालंटियर ने अपने डेमो देकर वालंटियर ने अपनी भूमिका दिखाई।
इसके साथ ही यह भी जाहिर किया है कि किसी भी प्रकार की बड़ी त्रासदी होने पर सबसे पहले घायलों की मदद के लिए वे सबसे पहले पहुंचते हैं। रेजिंग डे का शुभारंभ करने के बाद मुख्य अतिथि एडीजीपी पीएल भूषण ने संबोधित किया तथा वालंटियर की मुश्किलों के समाधान जल्द करने का विश्वास दिलाया है। कार्यक्रम क ा शुभारंभ नजीर अहमद गनई, संजीव कलसी, अंकेश्वर नाथ, विशाल दुबे और स्वर्ण सिंह के नेतृत्व में जवानों ने भव्य मार्च पास्ट करके किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी आईजीपी पीआर मन्हास ने संबोधित किया। उन्होंने होमगार्ड, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की बड़ी घटनाओं के समय सबसे प्रथम भूमिका पर चर्चा की। उनके ट्रेनिंग प्रोग्राम, कोर्स, लग्न, मेहनत, सूझबूझ से लोगों को अवगत करवाया। वालंटियर ने डेमो में दिखाया कि किस तरह से हवाई हमले के बाद इमारतों तहस नहस हो जाने के बाद वालंटियर किस तरह से इमारत में फंसे घायलों को रस्सों की मदद से सुरक्षित नीचे उतारते हैं चार लोगों को इमारत से नीचे उतारने का दृश्य सामने रखा गया।
इसके बाद मलबे में दबे घायलों से संपर्क करने, नई तकनीक से मोटी सीमेंट की दीवार को काटने से लेकर घायलों को इलाज मुहैया करवाने तक उनकी क्या भूमिका होती है, के संबंध में बताया गया है। लोगों ने तालियां बजाकर वालंटियरों का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर एमएम खजूरिया, एसी चतुर्वेदी, के राजिंद्र कुमार, एसएम सहाय, एसएस वजीर, मदन लाल तथा परमजीत कुमार सहित अन्य सीनियर पुलिस अधिकारी व रिटायर्ड अफसर उपस्थित थे।