जम्मू। जम्मू कश्मीर के पर्यटन विकास पर आतंकियों के नापाक इरादों की प्रेत छाया मंडराती रही है। अफजल गुरु की फांसी के बाद से बिगड़ी स्थिति अब तक सामान्य नहीं हो पाई है। लिहाजा इस साल पर्यटन विकास का ग्राफ नीचे गिरा है। पिछले साल जब तेरह लाख के करीब पर्यटक आए थे, तब अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने की उम्मीद भी जगी थी लेकिन बाद में एक के बाद एक आतंकी हमलों से पर्यटकों की आमद घटी। इजरायली आर्केस्ट्रा संचालक जुबिन मेहता के कार्यक्रम के बाद कुल हिंद मुशायरे का आयोजन कर पर्यटन विभाग ने पर्यटकों को लुभाने की कोशिश की लेकिन यह प्रयास अब तक उम्मीद के अनुरूप सफलता हासिल नहीं कर पाया है। विंटर टूरिज्म की महत्वाकांक्षी योजनाएं परवाज भरने से पहले पस्त होती दिख रही हैं।
केंद्र सरकार के सहयोग से इस बार विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई थी। रियासत सरकार ने इस बार गुलमर्ग में स्की रिजार्ट में विंटर स्पोर्ट्स की योजना को अंतिम रूप दिया है लेकिन तैयारियां रफ्तार नहीं पकड़ पा रही हैं। पर्यटन मंत्री जीए मीर ने तैयारियों की समीक्षा बैठक में अफसरों को हिदायत दी है कि गुलमर्ग का रूट खुला रखने के लिए हर संभव कोशिश की जाए। इसके लिए मानव शक्ति के अलावा मशीनों को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्की पेट्रोलिंग और स्नो सेफ्टी अफसरों की तैनाती किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। गंडोला मूवमेंट के लिए कैबिल कार कारपोरेशन को रास्ते से बर्फ हटाने के अभियान को तेज करने और बर्फ पर चलने वाले वाहनों को तैयार रखने को कहा गया है। विंटर स्पोर्ट्स सीजन को आगे तक बनाए रखने के लिए स्नो मेकिंग मशीनें इस्तेमाल करने की योजना है। हेली स्कीइंग के लिए इस्तेमाल होने वाले हेलीकाप्टरों का जरुरत पड़ने पर बचाव कार्यों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। विंटर टूरिज्म सीजन में और स्पोटर्स के आयोजनों के दौरान कचरा निस्तारण बड़ी समस्या रही है। इस बार अब तक इसके लिए कोई तैयारी नहीं हो पाई है। पर्यटन मंत्री ने अब इसके लिए आदेश जारी किए हैं। सरकार द्वारा कृत्रिम तरीके से स्नो रिजार्ट को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने का विरोध भी हो रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञ इसे उचित नहीं मानते हैं। गुलमर्ग में स्की टूरिज्म सीजन आमतौर पर जनवरी से शुरू होता है लेकिन अब पर्यटन विभाग कृत्रिम तरीके से इसे नवंबर से ही शुरू करना चाहती है। इसके लिए कुछ कंपनियों से स्नो मेकिंग मशीनें खरीदी जा रही हैं। विभाग को उम्मीद है कि इससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। गुलमर्ग के बाद श्रीनगर में भी इन मशीनों का इस्तेमाल कर स्कीइंग को बढ़ावा दिए जाने की योजना है।