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मरीजों को अभी भी जीएमसी का सहारा

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जम्मू। रेशमघर स्थित एम्स की तर्ज पर स्थापित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में मरीजों को अभी भी बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इस आधुनिक अस्पताल में ओपीडी के साथ इंडोर चिकित्सा सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। लेकिन अस्पताल को शुरू हुए छह माह बीत जाने के बाद भी अल्ट्रासाउंड और एक्सरे सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। नतीजतन ओपीडी और इंडोर में पहुंचने वाले मरीजों को ऐसी जांच के लिए जीएमसी का ही सहारा है।
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सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में कार्डियोलाजी, नेफरोलाजी, यूरोलाजी आदि की सुविधा शुरू की गई है लेकिन अभी भी सभी सुपर स्पेशलिटी यूनिट शुरू नहीं किए जा सके हैं। इसके लिए संबंधित विभागों में जरूरी संसाधनों का इंतजार है। मजेदार बात यह है कि अभी भी मरीजों को अल्ट्रासाउंड और एक्सरे जैसी बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। हालांकि सुपर स्पेशलिटी में सीटी स्कैन की सुविधा शुरू कर दी गई है लेकिन अगर कोई पेट संबंधी अल्ट्रा साउंड या एक्सरे के लिए मरीज पहुंचता है तो उसे जीएमसी का रास्ता दिखाया जाता है। इन दोनों सुविधाओं के लिए जरूरी संसाधन स्थापित नहीं हो पाए हैं। उल्लेखनीय है कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जम्मू के प्रोजेक्ट को सीपीडब्ल्यूडी (सेंटर पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट) विभाग ने 17 फरवरी 2008 को शुरू किया था। इसे 18 माह में मुक्कमल किया जाना था लेकिन स्टाफ और अन्य जरूरी संसाधनों के अभाव में इसे निर्धारित शेड्यूल से 60 से अधिक माह बाद शुरू किया जा सका। अभी भी जरूरी संसाधनों के न होने से मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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