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महिला के परिवार पर अभिशाप बनकर टूटा पाक का कहर

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अब्दुल्लियां। भारत-पाक सीमा अक्सर गोलियों की गड़गड़ाहट आरएस पुरा के अब्दुल्लियां गांव की महिलाओं और बच्चों के लिए आम बात हो गई लेकिन गांव की एक महिला विमला देवी के परिवार पर पाक कहर अभिषाप बनकर टूटा है। विमला देवी का पति मोहिंदर पाल सिंह पिछले 17 साल से पाक जेल में बंद है। गलती से वह सीमा पार गया था। जब सीमा पर तारबंदी भी नहीं थी। पाकिस्तान ने उसे जासूसी के आरोप मेें पकड़ लिया और अभी तक वह घर नहीं लौट पाया। कुछ साल पहले ही उसका बड़े बेटे विक्रम सिंह को भी पाक घुुसपैठिया बताकर सुरक्षा बलों ने गोली मार दी लेकिन बाद में उसकी पहचान की गई। पति से मिलने की आस और बेटे की मौत के गम के बीच विमला देवी अपनी बेटी के साथ घर में एक बार फिर गोलियों का सामना कर रही है। विमला देवी के अनुसार मंगलवार रात को अचानक पाकिस्तान से फायरिंग शुरू हुई। फायरिंग उनके घर के पिल्लर पर जा लगी। कई गोलियां चलने की आवाजों के बीच रात गुजरी। बेटे की मौत के बाद उन्हें दो लाख रुपया मुआवजा तो दिया गया लेकिन उसके छोटे बेटे को अस्थाई नौकरी प्रदान की। घर की गुजर बसर भी काफी मुश्किलों से हो रही है। ऐसा ही हाल गांव की अन्य महिलाआें का भी है। घर का कामकाज भी नहीं कर पा रही हैं। धान की फसल पक चुकी है। उसकी कटाई भी नहीं हो रही और जो फसल काटी गई। उसकी भी सफाई नहीं हो पा रही। गिरधारी लाल के घर पर मौजूद महिलाओं के अनुसार रात को एक गोली उनकी दीवार पर लगी और चार इंच दीवार में छेद कर दिया। कमरे में उनके बेड तक हिल गए। सभी ने दीवार की ओट में रात काटी। रिटायर डाक्टर प्रेम नाथ डोगरा के अनुसार अब्दुल्लियां गांव पाकिस्तान के तीन तरफा गोली के निशाने पर है। एक तरफ पाक का रंगपुर सूर्यापुर, चरपरियार, नंदपुर है तो दूसरी तरफ सरंगल, पतवाल है। दोनों तरफ से गोलियां चलती हैं तो लोगों को जान बचानी मुश्किल हो जाती है। ऐसा ही अगर चलता रहा तो उन्हें पलायन करना पड़ेगा और उनकी धान की फसल भी खराब हो जाएगी।
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