जम्मू। विधानसभा में शून्यकाल के दौरान एसपीओ के मानदेय बढ़ाने का मुद्दा उठा। पैंथर्स विधायक हर्षदेव ने सरकार का ध्यान दिलाते हुए कहा कि एसपीओ को मानदेय देने के क्रम में न्यूनतम मजदूरी कानून का भी ध्यान नहीं रखा गया है। एसपीओ से 24 घंटे काम लिया जाता है और उन्हें सिर्फ तीन हजार प्रति माह दिए जाते हैं। विधायक ने एसपीओ के मानदेय को बढ़ाकर पांच हजार रुपये प्रति माह करने और एक ठोस नीति बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि एसपीओ के बकाया मानदेय का भुगतान भी नहीं हो रहा है।
शून्यकाल में विधायकों ने जनहित के कई मामले उठाए। पैंथर्स विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने बेदी कमीशन की रिपोर्ट सदन में पेश किए जाने की मांग की। विधायक कमर अली आखून ने जोजिला बाइपास को शीघ्र चालू करने की मांग की। कांग्रेस विधायक जीएम सरूरी ने कहा कि जिला, तहसील और ब्लाक मुख्यालय में साइन बोर्ड उर्दू में लिखा जाना चाहिए। सीपीएम विधायक एम वाई तारगामी ने कश्मीर घाटी में हिन्दू श्राइन की रक्षा के लिए कानून बनाने पर जोर दिया। विधायक हकीम मोहम्मद यासिन ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को गैरजरूरी रूप से सेवा विस्तार नहीं दिया जाना चाहिए। मोहम्मद शरीफ नियाज ने कहा कि नए भर्ती किए गए कर्मचारियों का वेरिफिकेशन प्रक्रिया में देर नहीं होनी चाहिए। शमीमा फिरदोज ने लेह के सब्जी व्यापारियों का मामला उठाया जिनकी दुकानें सड़क चौड़ीकरण के क्रम में उजड़ गई हैं। विधायक भारत भूषण ने बीपीएल परिवारों के लिए नियमित रूप से पर्याप्त राशन की मांग की।
प्रो. गारु राम भगत ने संत रोचा सिंह के पवित्र स्थल के लिए पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधाएं दी जानी चाहिए। विधायक अशोक कुमार, मोहम्मद अशरफ गनई, टी नाम्बियाल, चमन लाल गुप्ता, एजाज जान, अश्विनी शर्मा समेत कई विधायकों ने सरकार से जन समस्याओं के समाधान की मांग की।