जम्मू। राज्य में इवेक्यू संपत्ति में दशकों से किरायेदारों के तौर पर रहने वाले लोगों को इसका मालिकाना हक देने की मांग तेज हो गई है। साझा सरकार के प्रमुख घटक दल कांग्रेस के युवा विंग ने ही इस मुद्दे को उठाते हुए इवेक्यू प्रापर्टी विभाग और इसके कस्टोडियन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। खास बात यह है कि राजस्व मंत्रालय के अधीन इस विभाग के मंत्री भी एजाज खान कांग्रेसी हैं। इससे पूर्व यह विभाग चार साल तक मौजूदा बागवानी मंत्री रमण भल्ला के पास था लेकिन इवेक्यू प्रापर्टी में रहने वाले लोगों को कोई खास राहत नहीं मिली।
शुक्रवार को प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष प्रणव छगोत्रा, महासचिव सरदार मंजीत सिंह जाट और सचिव राजवीर सिंह ने पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस मुद्दे पर संघर्ष करने का ऐलान किया। युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रणव छगोत्रा ने कहा कि दशकों से इवेक्यू प्रापर्टी में रहने वाले लोग राजस्व विभाग के अधीन कस्टोडियन के कोप का शिकार हो रहे हैं। इन लोगों को मकानों की रिपेयर के लिए खुद पैसे खर्च करने पड़ते हैं लेकिन रिपेयर के बाद कस्टोडियन किराया बढ़ा देता है। अगर कोई अलाटी अथवा किरायेदार किसी मकान को बेचता है तो उसकी पचास फीसदी राशि कस्टोडियन विभाग में जमा करानी पड़ती है। दुकान के मामले में सत्तर फीसदी राशि कस्टोडियन विभाग को जमा करानी पड़ती है। प्रणव छगोत्रा ने कहा कि यह जम्मू संभाग में इवेक्यू प्रापर्टी में रहने वाले लोगों के साथ अन्याय है। छगोत्रा ने कहा कि विधानसभा का बजट सत्र जारी है, राज्य सरकार तुरंत फैसला लेकर इवेक्यू प्रापर्टी में रहने वाले लोगों को इसका मालिकाना हक दे। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर सरकार मालिकाना हक नहीं दे सकती, तो वह पूरे लीज अधिकार इन लोगों को मुहैया कराए। अन्यथा युकां किसी भी सूरत में अन्याय नहीं होने देेगी। इस मौके पर अनूप गुप्ता, दक्षीष शर्मा, जगजोत सिंह, अरुण खत्रा ओर अनिल कुमार आदि युवा कांग्रेस पदाधिकारी भी मौजूद थे।